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योगी आदित्यनाथ की उच्च स्तरीय बैठक: प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों के लिए राहत कार्य तेज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के लिए त्वरित राहत कार्यों का निर्देश दिया और मुआवजे की प्रक्रिया को 24 घंटे के भीतर पूरा करने की बात कही। किसानों के नुकसान का निष्पक्ष आकलन करने और सरकारी योजनाओं के तहत सहायता प्रदान करने पर जोर दिया गया। जानें इस बैठक में क्या निर्णय लिए गए और सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं।
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योगी आदित्यनाथ की उच्च स्तरीय बैठक: प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों के लिए राहत कार्य तेज

प्राकृतिक आपदा पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक


लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का गहन विश्लेषण किया गया। पिछले सप्ताह आई इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश में व्यापक तबाही मचाई है, जिसमें 20 लोगों की जान गई, 12 लोग घायल हुए और 33 पशुओं की भी मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


मुआवजा और कार्रवाई की सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशु हानि और घायलों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा सभी जिलों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


किसानों के लिए राहत और समर्थन

सीएम योगी ने राजस्व और कृषि विभाग को निर्देशित किया है कि प्रभावित किसानों और बटाईदारों के नुकसान का निष्पक्ष और पारदर्शी आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रभावित व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सभी जिलों से शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई है।


सरकारी योजनाओं का सहारा

सरकार ने आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए कई योजनाओं का सहारा लिया है। जिन परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर नए घर दिए जाएंगे। इसके अलावा, पात्र किसानों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। अधिकारियों को बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर फसल बीमा दावों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


सर्वेक्षण और मंडी समितियों पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने राजस्व और कृषि विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। मंडी समितियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करें। साथ ही, अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जाकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि हर प्रभावित व्यक्ति तक सरकारी सहायता पहुंचे।


सरकार का स्पष्ट संदेश

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इस आपदा के समय सरकार की प्राथमिकता हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।