Newzfatafatlogo

योगी आदित्यनाथ की सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चा

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार में अब तक कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है। हालांकि, हाल ही में चर्चा है कि सरकार में पहला और संभवतः अंतिम बदलाव होने वाला है। योगी ने कई बार दिल्ली का दौरा किया है, जहां उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, संघ की सहमति से ये बदलाव चुनाव को ध्यान में रखते हुए किए जाएंगे। जानें इस संभावित फेरबदल के पीछे की वजहें और क्या हो सकते हैं इसके प्रभाव।
 | 
योगी आदित्यनाथ की सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चा

योगी सरकार में बदलाव की संभावना

सरकार के गठन के बाद पांच साल के कार्यकाल में बदलाव होना आम बात है, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार में अब तक कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है। मार्च 2022 में बनी इस सरकार में केवल कुछ मंत्रियों के विभागों में मामूली बदलाव हुए हैं। इसके विपरीत, योगी की पहली सरकार में तीन महत्वपूर्ण फेरबदल हुए थे। 2017 में सरकार बनने के बाद, अगस्त 2019 में पहला बड़ा बदलाव हुआ, जिसमें कई नए मंत्री शामिल हुए और विभागों का पुनर्विभाजन किया गया। इसके बाद मई 2020 में कुछ सीमित बदलाव हुए और सितंबर 2021 में चुनाव से पहले एक बड़ा फेरबदल हुआ। दूसरी सरकार में अब तक ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ है। हाल ही में यह चर्चा हो रही है कि योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार में पहला और संभवतः अंतिम बदलाव होने वाला है।


योगी आदित्यनाथ ने कई बार दिल्ली का दौरा किया है, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। हर बार चर्चा होती थी कि वे लखनऊ लौटते ही फेरबदल करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब सूत्रों के अनुसार, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहमति से वे सरकार में बदलाव करने जा रहे हैं। पिछले शुक्रवार को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भाजपा और संघ के पदाधिकारी शामिल थे। इस बैठक में संघ के समन्वयक अरुण कुमार भी उपस्थित थे। कहा जा रहा है कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए जाएंगे। इसके अलावा, यूजीसी की नियमावली को लेकर सवर्ण जातियों के विरोध और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ माघ मेले में हुई घटनाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, कांशीराम को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सक्रियता पर भी विचार किया जाएगा।