योगी आदित्यनाथ ने किसानों को दी सहायता राशि, फसल बीमा योजना का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने किसानों को दी आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता भी प्रदान की।
नई परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
बजट का महत्व
सीएम योगी ने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब लाभार्थियों के खातों में सीधे पैसे पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
फसल बीमा योजना का लाभ
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसान परिवारों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। उन्होंने कहा कि सूखे और अतिवृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हुआ है, और बीमा कराने से जरूरत पड़ने पर रिटर्न भी मिलता है।
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
मुख्यमंत्री ने कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले केवल किसान को कवर किया जाता था, लेकिन अब उसके परिवार के सदस्य और सह-किसान भी कवर होते हैं। इस योजना के तहत 1000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के जरिए दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है।
आपदा प्रबंधन में युवाओं की भूमिका
सीएम ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर युवा स्वयंसेवक हो सकते हैं। पीएम मोदी के अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश ने 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया है। इन स्वयंसेवकों को आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल किया गया है।
मौसम पूर्वानुमान के लिए नई तकनीक
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जाएगी, जिससे मौसम का पूर्वानुमान बेहतर होगा। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
