योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 1055 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
गोरखपुर में विकास की नई लहर
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें राप्ती नदी के एकला बंधे पर निर्मित ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ईको पार्क का दौरा किया और वहां कचरे से बनी कलाकृतियों की प्रशंसा की। विशेष रूप से, उन्होंने कचरे से बने शेर की मूर्ति के सामने फोटो खिंचवाई, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी।
हालांकि, इस कार्यक्रम ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज करते हुए लिखा, “नकली शेर के साथ मुस्कान, असली देखें तो हो जाए धड़ाम। लगता है कोरोना काल का शेर है, तभी बाल-अयाल इतने लंबे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर शेर बनाना था तो इटावा की लायन सफारी का उदाहरण लेना चाहिए था।
‘नक़ली शेर’ के साथ मुस्कान
असली देखें तो हो जाएं धड़ामलगता है कोरोना काल का शेर है, तभी ‘बाल-अयाल’ इतने लंबे हैं।
शेर बनाना ही था तो क़ायदे का बनाते और इसके लिए सपाकाल में बनी इटावा की लायन सफ़ारी ही देख आते। pic.twitter.com/0Q0copnKmg
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 24, 2026
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सांसद रवि किशन के हालिया बयान पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने कहा, “आपने गोरखपुर के सांसद का भाषण सुना होगा, लेकिन क्या उनके बताए आचरण को अपनाया जा रहा है?” उल्लेखनीय है कि संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान रवि किशन ने कहा था कि उनकी पत्नी चुनाव में उन्हें बड़ी संख्या में वोट दिलाने में मदद करती हैं, इसलिए वे उनके पैर छूते हैं।
सांसद रवि किशन ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उनका विजन अद्वितीय है और वे “कचरे में भी हीरा खोज लेते हैं।” उन्होंने कहा कि एकला बांध, जो पहले गंदगी के लिए जाना जाता था, अब रोजगार और पर्यटन का केंद्र बनेगा, साथ ही यहां फिल्म शूटिंग की भी संभावनाएं हैं। इस मौके पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी गोरखपुर में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे प्रदेश में बदलती तस्वीर का उदाहरण बताया।
