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योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को दिया 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने की घोषणा की। उन्होंने शिक्षामित्रों से सकारात्मक सोच के साथ काम करने की अपील की और कहा कि नकारात्मकता को त्यागना होगा। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की भी जानकारी दी। समारोह में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं, जैसे 'स्कूल चलो' अभियान को तेज करने का आह्वान। जानें इस समारोह में और क्या हुआ।
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योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को दिया 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर

गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब ट्रेड यूनियन जैसी सोच और नकारात्मक दृष्टिकोण को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शिक्षक या शिक्षामित्र केवल अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे और नकारात्मक सोच रखेंगे, तो इससे बच्चों की नींव कमजोर होगी और समाज तथा राष्ट्र को भी नुकसान होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण ट्रेड यूनियन जैसा नहीं हो सकता। पहले देश, फिर हम। सकारात्मक सोच के साथ काम करने वाले ही एक अच्छी पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने आप से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आपके साथ है, इसलिए नकारात्मकता को पूरी तरह से त्याग देना चाहिए।




मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से चली आ रही मांगों को सरकार ने संवाद और सहयोग के माध्यम से हल किया है, न कि टकराव के रास्ते से। उन्होंने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिना नियमों के सहायक शिक्षकों को मान्यता देने का प्रयास किया, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गलती के कारण सभी शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सामने एक बड़ी चुनौती थी।


डेढ़ लाख परिवार भूखों मरने की स्थिति में आ सकते थे। उन्होंने 18-19 वर्षों तक सेवा दी है। इस उम्र में वे कहां जाते? हमने मंत्रिमंडल में निर्णय लिया कि उनकी सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी, बल्कि उनका सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में ही सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय साढ़े तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया था। अब इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल से लागू होगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि आज सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में एक शिक्षामित्र परिवार आया था, जिसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है। उसकी डायलिसिस की व्यवस्था की मांग पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संवेदना जताई और निर्णय लिया कि शिक्षामित्रों को भी प्रधानमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य कवर की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी छूटे होंगे, उन्हें भी यह सुविधा दी जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद को जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही एक भव्य समारोह आयोजित कर सभी को यह कार्ड प्रदान किया जाएगा।




मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अनुरोध किया कि जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलते ही ‘स्कूल चलो’ अभियान को तेज करें। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें, 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से बात करें। बच्चों को प्यार से पढ़ाएं, कभी भी मारपीट न करें। अभिभावकों को भी जागरूक करें कि दी गई यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का सही उपयोग हो।


उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ प्यार से व्यवहार करें। अच्छी कहानियां, कविताएं और उदाहरण देकर उन्हें प्रेरित करें। परिवार की खींचतान स्कूल तक न लाएं। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने 1,43,000 शिक्षामित्रों को बधाई दी और कहा कि आप लगन, ईमानदारी और सकारात्मकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र बनाएगा। यही विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव होगी।


 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान ‘विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर अरुणोदय’ का विमोचन किया। इस कैलेंडर का उद्देश्य प्रार्थना सभा को केवल एक रूढ़िगत गतिविधि से ऊपर उठाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है। इसमें पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान, गणित, भाषाई कौशल, संवाद, विचार अभिव्यक्ति, रोल प्ले, एक्शन गीत और कला-क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, ताकि बच्चे प्रार्थना सभा के दौरान ही सीख सकें और नेतृत्व गुणों का विकास कर सकें।


इस कैलेंडर के विमोचन के साथ मुख्यमंत्री ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक बेहतरीन मार्गदर्शक उपलब्ध कराया। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कई बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और महिलाओं को उपहार दिए। मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।


इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री संदीप सिंह, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायकगण विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, श्रवण निषाद, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग चारु चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, राजेश गुप्ता, अपर मुख्य सचिव शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक मोनिका रानी और अन्य लोग उपस्थित रहे.