रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश: 'दुस्साहस करने पर होगी कड़ी प्रतिक्रिया'
रक्षा मंत्री का सख्त बयान
गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसने कोई भी दुस्साहस किया, तो भारत की प्रतिक्रिया अत्यंत कड़ी और निर्णायक होगी। उन्होंने भारतीय सेना की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने केवल 22 मिनट में पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर कर दिया था, जिसे उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया।
सैनिक सम्मान सम्मेलन में रक्षा मंत्री का संबोधन
केरल में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में बोलते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है और भारत ने सीमाओं के भीतर और बाहर आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद आतंकवाद के खिलाफ ठोस और निर्णायक कार्रवाई की गई है। उन्होंने 'उरी हमला' के बाद की सर्जिकल स्ट्राइक, 'पुलवामा हमला' के बाद की एयर स्ट्राइक और हाल की 'पहलगाम' घटना के बाद चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने हर बार आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
यूपीए सरकार की आलोचना
रक्षा मंत्री ने 2004 से 2014 तक की यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय देश में आतंकी घटनाएं लगातार होती थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई का अभाव था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
ऊर्जा संकट पर चर्चा
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संभावित ऊर्जा संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों में भारत के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास किए हैं। विपक्ष पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों में डर या घबराहट फैलाने की आवश्यकता नहीं है।
