रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आधुनिक युद्ध की चुनौतियों पर दी महत्वपूर्ण जानकारी
आधुनिक युद्ध की नई परिभाषा
देहरादून: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज का युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश की सुरक्षा के लिए एक मजबूत सेना के साथ-साथ तैयार नागरिकों की आवश्यकता है, जो हर स्थिति में एकजुट होकर खड़े रह सकें।
सैनिक स्कूल के स्थापना दिवस पर संबोधन
राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तराखंड के घोड़ाखाल में सैनिक स्कूल के स्थापना दिवस और हीरक जयंती समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज संघर्षों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। किसी भी राष्ट्र को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध के माध्यम से कमजोर किया जा सकता है, इसलिए हर नागरिक को सतर्क रहना चाहिए।
तैयारी का महत्व
उन्होंने कहा, "तैयार रहने का मतलब केवल युद्ध के लिए तैयार रहना नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति के लिए मानसिक दृढ़ता और बौद्धिक स्पष्टता के साथ तैयार रहना है।" यह तैयारी कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने में मदद करती है।
युवाओं के लिए संदेश
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा बलों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से अनुशासन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से मानसिक मजबूती विकसित करने का आह्वान किया।
वीयूसीए का महत्व
वीयूसीए (अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट) के कॉन्सेप्ट का उल्लेख करते हुए, उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने संस्करण विकसित करें, जिसमें दूरदर्शिता और अनुकूलन क्षमता शामिल हो।
सैनिक स्कूलों में सुधार
राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, एनसीसी में कैडेट्स की संख्या बढ़ाकर 20 लाख करने का भी निर्णय लिया गया है।
लड़कियों के लिए ऐतिहासिक निर्णय
उन्होंने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया, जो देश की 'नारी शक्ति' को मजबूत करेगा। ये लड़कियां भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम होंगी।
सैनिक स्कूल के 60 साल
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की 60 साल की सेवा पर छात्रों, संकाय और पूर्व छात्रों को बधाई देते हुए राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि छात्र अनुशासन और समर्पण के उच्च मानकों को बनाए रखेंगे।
