रतलाम में अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप, कोमा में बताकर पैसे ऐंठने का मामला

रतलाम में अस्पताल का विवाद
भोपाल। चिकित्सकों को इस धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन कुछ चिकित्सक पैसे के लालच में अपनी सीमाएं पार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया। एक निजी अस्पताल में एक युवक, जो दुर्घटना में घायल हुआ था, कोमा में बताकर उसकी पत्नी से एक लाख रुपये मांगने का प्रयास किया गया। जब घायल युवक को इस बात का पता चला, तो वह अर्धनग्न अवस्था में आईसीयू से बाहर निकल आया और हंगामा करने लगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रतलाम के 80 फीट रोड पर स्थित एक निजी जीडी अस्पताल से एक मरीज ने हाथ में बॉटल और यूरिन बैग लेकर बाहर आते हुए अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लूट का आरोप लगाया। दीनदयाल नगर के निवासी बंटी निनामा को रविवार को उसके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने बंटी को कोमा में बताकर दो लाख रुपये तक की मांग की और उन्हें उससे मिलने नहीं दिया। जिस युवक को कोमा में बताया गया, वह खुद ही अर्धनग्न अवस्था में अस्पताल के बाहर आया और अस्पताल प्रशासन पर पैसे लूटने का आरोप लगाने लगा। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना से इनकार किया है।
तबियत में सुधार होने के बावजूद अस्पताल ने कोमा में बताकर कई दिनों तक ICU में रखकर पैसे लूटते रहे डॉक्टर, मौका मिलते ही मरीज नाक में ऑक्सीजन पाईप लगाए बाहर भाग आया और डॉक्टरों की करतूत बताई। pic.twitter.com/ROfyIHDgZM
— Abhimanyu Singh Journalist (@Abhimanyu1305) August 29, 2025
परिजनों का हंगामा और गंभीर आरोप
रतलाम के एक निजी अस्पताल के बाहर मरीज और उसके परिजनों ने हंगामा किया। मरीज ने सांस लेने वाली नली और कैथेटर पहना हुआ था और अस्पताल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। मरीज के परिजनों ने भी जोर-जोर से अस्पताल की सच्चाई उजागर की। मरीज की पत्नी ने बताया कि उसे पहले मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां से उसे इंदौर रेफर किया गया था। परिजनों ने रतलाम के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए 40 हजार रुपये का भुगतान किया था। तभी डॉक्टरों ने कहा कि मरीज कोमा में चला गया है और इलाज के लिए और पैसे की आवश्यकता है। एक लाख रुपये लेकर पत्नी अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने कहा कि पति आईसीयू में कोमा में हैं। जब वह आईसीयू में गई, तो उसके होश उड़ गए। आईसीयू में उसके पति को पांच लोगों ने पकड़ रखा था और वह चिल्ला रहे थे कि मुझे मेरी पत्नी से मिलने दो। पति को बचाने के लिए वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। पति ने भी दर्द में सीजर हाथ में लेकर खुद को बचाने की कोशिश की और जैसे ही वहां से लोग भाग गए, वह अपने पति को लेकर बाहर भागी।
मरीज कोमा में नहीं था
घायल मरीज की पत्नी ने बताया कि अस्पताल ने यह कहकर पैसे ऐंठने का प्रयास किया कि पति कोमा में हैं। अगर वह समय पर आईसीयू में नहीं जाती, तो पति की जान को खतरा हो सकता था। फिलहाल, मरीज का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को इंदौर रेफर किया गया था, लेकिन कुछ दिक्कत होने पर वह वापस आ गया है। वह कोमा में नहीं है और पूरी तरह होश में है।