रमजान में खजूर की बिक्री में धांधली: सस्ते खजूर को महंगे पैकेज में बेचा जा रहा है
मुरादाबाद में खजूर की बिक्री में अनियमितताएँ
मुरादाबाद: रमजान के पवित्र महीने में खजूर की मांग में तेजी आई है, लेकिन फल मंडी के थोक विक्रेताओं द्वारा सस्ते खजूर को महंगे ब्रांडेड पैकेज में बेचने का मामला सामने आया है। थोक मंडी के व्यापारियों के अनुसार, जिले में हर महीने करोड़ों रुपये का खजूर कारोबार होता है, जिसमें यह हेराफेरी मोटे मुनाफे के लिए की जा रही है। सस्ती लोकल खजूर को नामी ब्रांड्स जैसे 'मक्का' और 'मदीना' के स्टीकर्स लगाकर आकर्षक प्लास्टिक डिब्बों में पैक किया जा रहा है।

रमजान में रोजा इफ्तार के लिए खजूर खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सावधान रहना चाहिए। यदि आप ईरानी किमिया गोल्ड या किमिया डेट्स नाम की खजूर 200 से 300 रुपये प्रति किलो खरीद रहे हैं, तो आपको ठगा जा रहा है। असल में, 20 से 50 रुपये प्रति किलो आने वाली हदखोदा मजाफती खजूर को किमिया डेट्स और मरियम मज़ाफ़ती बाम खजूर के पैकेज में बेचा जा रहा है। इस धंधे से थोक व्यापारी लाखों रुपये कमा रहे हैं, जबकि आम खरीदार महंगे दाम चुकाने को मजबूर हैं। आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सस्ती खजूर 20 से 50 रुपये किलो बिकती है, लेकिन ब्रांडेड पैकिंग के बाद 200 से 300 रुपये तक बेची जा रही है। रमजान से पहले मंडी में खजूर का स्टॉक काफी मात्रा में एकत्र है, लेकिन गुणवत्ता की जांच के अभाव में यह खेल फल-फूल रहा है।
नाबालिक बच्चों की भागीदारी: फल मंडी में आढ़ती सस्ती खजूर को ब्रांडेड पैकेज में पैक करने का काम कर रहे हैं, और इस प्रक्रिया में कई नाबालिक बच्चे भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन आढ़तियों के पास पैकिंग का लाइसेंस नहीं है, और वे जीएसटी विभाग को भी चूना लगा रहे हैं।
