राघव चड्ढा की भाजपा में एंट्री पर सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का भाजपा में शामिल होना
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। उनके इस निर्णय ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इंस्टाग्राम पर राघव चड्ढा के फॉलोअर्स की संख्या में अचानक गिरावट आई है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। जहां एक ओर राघव की लोकप्रियता में कमी आ रही है, वहीं आम आदमी पार्टी ने बागी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।
24 घंटे में 11 लाख से अधिक फॉलोअर्स की कमी
राघव चड्ढा, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं, के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अनफॉलो करने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 23 अप्रैल को उनके इंस्टाग्राम पर लगभग 14.6 मिलियन (1 करोड़ 46 लाख) फॉलोअर्स थे। लेकिन 24 अप्रैल को जब उनके आम आदमी पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की खबर आई, तो उनके फॉलोअर्स की संख्या में तेजी से कमी आई। कुछ घंटों में ही 11 लाख से अधिक यूजर्स ने उन्हें अनफॉलो कर दिया, जिससे उनकी कुल संख्या घटकर 13.5 मिलियन रह गई है।
AAP की प्रतिक्रिया, संजय सिंह का आरोप
इस राजनीतिक बदलाव के बाद आम आदमी पार्टी ने अपने बागी सांसदों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके 7 सांसदों ने गैरकानूनी तरीके से भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे 'दल-बदल कानून' का उल्लंघन बताया है। संजय सिंह ने कहा कि देश का कानून ऐसी टूट को वैधानिक मान्यता नहीं देता, इसलिए इस असंवैधानिक कृत्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सदस्यता रद्द करने की मांग, चार सांसदों की स्थिति अभी भी अस्पष्ट
संजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि पार्टी चुप नहीं बैठेगी और जल्द ही राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की औपचारिक मांग करेगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। हालांकि, राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी भी हैं, लेकिन इन चारों सांसदों ने अभी तक भाजपा में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।
