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राजकोट में अवैध निर्माणों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

गुजरात के राजकोट में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें 1,489 इमारतों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के पीछे राज्य के डिप्टी सीएम के आदेश हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि कई परिवार सड़क पर रहने को मजबूर हो गए हैं। जानें इस अभियान की पूरी कहानी और स्थानीय लोगों की पीड़ा।
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राजकोट में अवैध निर्माणों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

राजकोट में अतिक्रमण विरोधी अभियान

राजकोट: गुजरात के राजकोट में रविवार को प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। राजकोट नगर निगम (RMC) ने जंगलेश्वर क्षेत्र में 1,489 अवैध इमारतों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। दशकों से बसी इन बस्तियों में अचानक बुलडोजर चलने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।


डिप्टी सीएम के निर्देश पर कार्रवाई

इस अभियान की शुरुआत राज्य के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के आदेश पर हुई। अधिकारियों ने बताया कि उनके निर्देश के बाद राजकोट नगर निगम ने जंगलेश्वर में अतिक्रमण विरोधी अभियान की योजना बनाई और उसे लागू करना शुरू किया।


नदी किनारे और सड़क पर हटेंगे कब्जे

म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर स्थित सभी 1,489 संपत्तियों को हटाया जाएगा। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले शनिवार से ही लोगों को अपने घर खाली करने के लिए सूचित किया था।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अशांति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भक्तिनगर सर्कल के पास सेठ हाई स्कूल में 2,500 से अधिक निगम अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कमिश्नर सुमेरा ने बताया कि स्थिति की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।


स्थानीय लोगों की पीड़ा

हालांकि, प्रशासन इसे नियमों के तहत कार्रवाई बता रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जंगलेश्वर की गली नंबर तीन में 43 वर्षों से रह रहे हारुनभाई सुमरा ने कहा कि वे और उनकी बहन दिव्यांग हैं और मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। उन्हें केवल दो दिन पहले घर गिराए जाने की सूचना मिली। वहीं, 50 साल से इस इलाके में रहने वाली हालिनबेन का परिवार भी किराए पर मकान नहीं मिलने के कारण सड़क पर रहने को मजबूर है।