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राजदेव रंजन हत्या मामले में कोर्ट का फैसला: तीन आरोपी बरी, तीन दोषी

सीवान में राजदेव रंजन हत्या मामले में सीबीआई अदालत ने आज महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि तीन अन्य को दोषी ठहराया गया। यह मामला विशेष रूप से हाईप्रोफाइल था, जिसमें पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम भी शामिल था। जानें इस मामले की पूरी कहानी और कोर्ट के फैसले के पीछे की वजहें।
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राजदेव रंजन हत्या मामले में कोर्ट का फैसला: तीन आरोपी बरी, तीन दोषी

राजदेव रंजन हत्या मामले का अदालती फैसला

राजदेव रंजन हत्या मामले का फैसला: सीबीआई अदालत में 69 गवाहों के बयान और 111 सबूत पेश किए गए। इस हाईप्रोफाइल मामले में, जो पिछले 9 वर्षों से सीवान में चल रहा था, कोर्ट ने आज तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया, जबकि तीन अन्य को दोषी ठहराया गया। यह मामला विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें एक आरोपी पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन भी शामिल थे, जिनका निधन हो चुका है।


पत्रकार राजदेव रंजन का परिचय

राजदेव रंजन बिहार के सीवान में एक हिंदी दैनिक के ब्यूरो चीफ थे। 13 मई 2016 को, जब वे ऑफिस से लौट रहे थे, तब उन पर गोलियां चलाई गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी आशा यादव ने इस मामले में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह मामला तब और भी गंभीर हो गया जब पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम सामने आया। जांच के दौरान, शहाबुद्दीन को छोड़कर पुलिस ने सात अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।


सीबीआई को केस सौंपा गया

बिहार की सीवान पुलिस ने चार महीने तक इस मामले की जांच की, लेकिन जब कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। 15 सितंबर 2016 को सीबीआई ने केस दर्ज किया और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सहित आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। अदालत में 69 गवाहों और 111 सबूतों को पेश किया गया, और आरोपियों से 183 सवाल पूछे गए। इस मामले का फैसला 28 अगस्त को सुनाया जाना था, लेकिन एक आरोपी की बीमारी के कारण यह आज 30 अगस्त को सुनाया गया।


बरी आरोपियों के खिलाफ अपील की जाएगी

फैसले के बाद, आरोपियों के वकील शरद सिन्हा ने खुशी व्यक्त की और कहा कि जिनके खिलाफ दोष सिद्ध करने की बात की जा रही है, उसमें कोई ठोस आधार नहीं है। वे अपील के माध्यम से बरी हो जाएंगे। जिन तीन आरोपियों को रिहा किया गया है, उनमें रिशु, राजेश और लड्डन मिया शामिल हैं। वहीं, अधिवक्ता राकेश दुबे ने बताया कि आज जिन तीन आरोपियों को निर्दोष कहा गया है, उनके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।