राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर कड़ा संदेश: अब सजा से नहीं बच सकते आतंकी
SCO बैठक में आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख
बिश्केक, (राजनीति): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराया। यह बैठक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित की गई थी, जहां उन्होंने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पहली बरसी का उल्लेख किया।
राजनाथ ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब आतंकवाद के अड्डे उचित सजा से नहीं बच सकते। उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और इस हमले के वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा की।
उन्होंने भारत की सैन्य प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि 'आपरेशन सिंदूर' के दौरान, भारत ने आतंकवाद के केंद्रों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। उन्होंने उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया जो आतंकियों को समर्थन देते हैं।
राजनाथ ने बताया कि जब भारत आतंकवादी हमले पर शोक मना रहा था, तब भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई, 2025 को 'आपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ बड़े लॉन्चपैड को नष्ट किया गया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष
पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले और गोलाबारी के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक संघर्ष चला। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए जवाबी हमले किए, जिसमें लाहौर में स्थित रडार प्रतिष्ठानों को नष्ट किया गया। इसके बाद, पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया और 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त, पिछले साल 'आपरेशन महादेव' के तहत भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया। इस घटना के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया और पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापार को रोक दिया।
