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राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की। उन्होंने भारतीय सेना की ताकत और सरकार की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। सिंह ने महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। जानें उनके बयान के प्रमुख बिंदु और भारत की सुरक्षा नीति में बदलाव।
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राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की

रक्षा मंत्री का बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने इतिहास को बदलने का कार्य किया है। उन्होंने आतंकवाद के प्रति भारत की स्पष्ट नीति को दोहराते हुए बताया कि देश की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक का उल्लेख किया।


भारतीय सेना की ताकत

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय सेना आतंकवादियों को सीमा पार जाकर भी समाप्त कर सकती है। उन्होंने कहा, "हमने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस है। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक ने यह साबित कर दिया कि हमारी सेना सीमा पार जाकर भी आतंकियों को मार सकती है। 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक ने आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविरों को नष्ट कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर ने तो दुश्मनों को हिला कर रख दिया।"


सरकार की योजनाएं

गुरुवार को राजस्थान में उपस्थित राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, और सरकार भी उनकी योजनाओं में उनके साथ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, पिछले दस वर्षों में भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा, "अब भारत चुपचाप सहने वाला देश नहीं रहा। अगर कोई हमारे नागरिकों पर हमला करेगा, तो हम उसे उसके घर में जाकर जवाब देंगे।"


महिला सशक्तिकरण

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार नारी शक्ति को सशक्त करने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और महिला सुरक्षा के लिए सख्त कानून। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।


सामूहिक इच्छा

उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एक विधेयक नहीं था, बल्कि यह हमारी सामूहिक इच्छा का प्रतीक था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन जल्द आएगा जब महिलाएं अपने राजनीतिक अधिकारों को प्राप्त करेंगी।