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राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता: 20 साल से फरार हत्या के दोषी को वृंदावन से पकड़ा

राजस्थान पुलिस ने 20 वर्षों से फरार हत्या के दोषी वरुण सिंह को वृंदावन से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने साधु का भेष धारण कर गुप्त निगरानी रखी। वरुण सिंह को 2005 में शराब व्यापारी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की विशेष रणनीतियों के बारे में।
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राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता: 20 साल से फरार हत्या के दोषी को वृंदावन से पकड़ा

मुख्य समाचार


नई दिल्ली: राजस्थान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 20 वर्षों से फरार एक हत्या के आरोपी को उत्तर प्रदेश के वृंदावन से गिरफ्तार किया है। इस व्यक्ति पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और इसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी के लिए एक हेड कॉन्स्टेबल ने साधु का रूप धारण कर कई दिनों तक गुप्त निगरानी रखी।


आरोपी की पहचान और अपराध

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान वरुण सिंह (41) के रूप में हुई है, जो हिडान सिटी का निवासी है। उसे 2005 में शराब व्यापारी नबाब सिंह उर्फ नब्बा सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।


सजा और कानूनी प्रक्रिया

करौली के अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) ने 19 अक्टूबर 2006 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए वरुण सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत भी उसे अतिरिक्त सजा दी गई थी।


आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन दोनों अदालतों ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा।


पुलिस की कोशिशें

2006 के बाद से पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष अभियान चलाए। इसके लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई।


मथुरा, वृंदावन, जयपुर और जम्मू-कश्मीर जैसे कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए गए, लेकिन आरोपी लगातार भेष बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए समय-समय पर इनाम बढ़ाकर 25 हजार रुपये तक कर दिया गया था।


गुप्त निगरानी का अभियान

हाल ही में, राजस्थान पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत हेड कॉन्स्टेबल जोगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम को मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में भेजा।


अधिकारियों के अनुसार, जोगेन्द्र सिंह ने साधु का भेष धारण कर कई दिनों तक चाय की थड़ियों, ढाबों और आसपास की गलियों में गुप्त रूप से निगरानी की। लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर अंततः पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ लिया।