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राजस्थान में मिट्टी की सुरंग ढहने से तीन बच्चों की मौत

राजस्थान के सीकर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना में मिट्टी की सुरंग ढहने से तीन बच्चों की जान चली गई। यह घटना नेछवा गांव में हुई, जहां बच्चे खेलते समय सुरंग के अंदर चले गए थे। एक अन्य बच्चा, जो बाहर था, ने उनकी मदद के लिए आवाज दी। ग्रामीणों और पुलिस ने राहत कार्य किया, लेकिन तब तक तीनों बच्चे दम तोड़ चुके थे। यह घटना बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर करती है।
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राजस्थान में मिट्टी की सुरंग ढहने से तीन बच्चों की मौत

दुखद घटना नेछवा गांव में


राजस्थान, समाचार। सीकर जिले के नेछवा थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक भयानक घटना घटी, जिसमें मिट्टी की एक सुरंग के ढहने से तीन छोटे बच्चों की जान चली गई। इस दुर्घटना में एक अन्य बच्चा बच गया, जिसकी चीखों ने ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी दी। यह घटना गनेड़ी गांव में हुई, जहां बच्चों ने खेत में 3 से 4 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले के नीचे एक सुरंग बना रखी थी। बच्चे इसी सुरंग के माध्यम से एक तरफ से दूसरी तरफ जाते थे।


सोमवार सुबह होलाश मेघवाल (10), गौतम सैनी (14) और दीपेश नायक (12) अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे। उनके साथ कृष्ण नाम का एक बच्चा भी था, जो सुरंग के बाहर था। खेलते समय तीनों बच्चे सुरंग के अंदर चले गए, तभी अचानक मिट्टी गिर गई और वे उसके नीचे दब गए।


इस हादसे के दौरान कृष्ण के पैर भी मिट्टी में दब गए थे, लेकिन उसने हिम्मत दिखाई और खुद को बाहर निकालने की कोशिश की। जब वह अपने दोस्तों को नहीं बचा सका, तो उसने जोर से चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। पुलिस भी सूचना मिलने पर वहां पहुंच गई। ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर मिट्टी हटाकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।


घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चों के परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। होलाश के पिता की एक साल पहले मृत्यु हो गई थी, जबकि दीपेश के पिता ने हाल ही में आत्महत्या की थी। नेछवा थाना प्रभारी कैलाशचंद ने बताया कि यह हादसा बच्चों के खेल के दौरान हुआ। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और बिना निगरानी के खुले स्थानों पर खेलने के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।