राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस की स्थिति और संभावित परिणाम
राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के पहले चरण में कांग्रेस की स्थिति स्थिर रहने की उम्मीद है। पार्टी को न तो कोई नुकसान होगा और न ही कोई लाभ। तेलंगाना में विधायकों की संख्या के अनुसार, विधानसभा में स्थिति वैसी ही बनी रहेगी। 119 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 77 विधायक हैं। राज्य में एक सीट जीतने के लिए 40 वोटों की आवश्यकता है, इसलिए कांग्रेस को दो सीटें जीतने के लिए तीन से चार अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। ओवैसी की पार्टी एमएआईएम के पास भी सात विधायक हैं। कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसद, अभिषेक सिंघवी और के सुरेश रेड्डी, रिटायर हो रहे हैं, लेकिन सिंघवी की दोबारा जीत की संभावना है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस को नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। यहां रजनी पाटिल रिटायर हो रही हैं और कांग्रेस के पास केवल 16 विधायक हैं। हालांकि, गठबंधन के पास 48 विधायक हैं, लेकिन कांग्रेस सीट के लिए कोई दबाव नहीं बनाएगी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को नुकसान होगा, जहां दो सीटें खाली हो रही हैं, और उसे केवल एक सीट मिलने की उम्मीद है। हरियाणा में कांग्रेस को एक सीट का लाभ होगा, क्योंकि भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं किरण चौधरी रिटायर हो रही हैं। 90 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के पास 38 विधायक हैं, जिससे वह एक सीट आसानी से जीत सकती है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा की इंदु गोस्वामी रिटायर हो रही हैं, और यह सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। इस प्रकार, कांग्रेस के पांच सांसद रिटायर होंगे और उसे पांच सीटें वापस मिल सकती हैं। अगर एमके स्टालिन सहयोग दिखाते हैं और तमिल मनीला कांग्रेस की जीके वासन वाली सीट कांग्रेस को दे देते हैं, तो कांग्रेस को एक अतिरिक्त सीट भी मिल सकती है।
