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राज्यसभा में राघव चड्ढा का विवादास्पद बयान, आम आदमी पार्टी में बढ़ी असहजता

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया। इस बयान ने पार्टी में असहजता पैदा कर दी है, खासकर तब जब उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया था। चड्ढा ने अपने बयान में सदन में बोलने का अवसर देने के लिए सभापति का धन्यवाद किया और अतिरिक्त समय की मांग की। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और चड्ढा के आरोपों का क्या हुआ।
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राज्यसभा में राघव चड्ढा का विवादास्पद बयान, आम आदमी पार्टी में बढ़ी असहजता

राज्यसभा में चड्ढा का बयान

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच हालात ठीक नहीं हैं। हाल ही में पार्टी ने उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया, जिसके बाद अशोक मित्तल को इस पद पर नियुक्त किया गया। शुक्रवार को चड्ढा ने सदन में एक ऐसा बयान दिया, जिसने पार्टी को असहज कर दिया।


चड्ढा ने कहा, 'जिस पार्टी से मैं संबंधित हूं, उसके नेता सदन में उपस्थित नहीं हैं। नए डिप्टी लीडर भी यहां नहीं हैं। मैं हाल ही में हटाया गया डिप्टी-लीडर हूं, लेकिन मैं यहां मौजूद हूं।' उन्होंने आगे कहा कि बोलने का अवसर देने के लिए सभापति का धन्यवाद किया।


आम आदमी पार्टी ने चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाने के साथ-साथ उनके बोलने का समय भी कम कर दिया था। इस दौरान, चड्ढा ने सभापति से कुछ अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।



चड्ढा ने हरिवंश नारायण सिंह को तीसरी बार उपसभापति बनने पर बधाई दी और कहा, 'मेरा हरिवंश के साथ रिश्ता थोड़ा खट्टा-मीठा रहा है। मैं प्रयास करूंगा कि इस कार्यकाल में यह रिश्ता मीठा बने।' उन्होंने अनुरोध किया कि जब समय समाप्त हो जाए और घंटी बज जाए, तो 1-2 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि वे अपनी बात को मजबूती से रख सकें।


राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह हैं, और 2 अप्रैल से अशोक कुमार मित्तल डिप्टी लीडर हैं। चड्ढा ने दोनों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि जब चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाया गया था, तब उन पर आरोप लगाया गया था कि वे पीएम मोदी की आलोचना से बचते हैं। बाद में चड्ढा ने एक वीडियो साझा कर इन आरोपों का खंडन किया।