रामगढ़ में हाथियों के हमले से तीन लोगों की मौत
हाथियों के हमले की घटना
रामगढ़ (News Media): झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में शुक्रवार की सुबह जंगली हाथियों के एक समूह ने तीन व्यक्तियों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में दो मजदूर और एक 80 वर्षीय ग्रामीण शामिल हैं।
इस घटना के बाद से क्षेत्र में भय और वन विभाग के प्रति आक्रोश फैल गया है। पहली घटना बांदा गांव में हुई, जहां तड़के लगभग चार बजे ईंट भट्ठा पर काम करने वाले दो मजदूर, धीरज भुइयां और जुगल भुइयां, शौच के लिए निकले थे। इसी दौरान हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। धीरज पतरातू के तालाटांड़ का निवासी था, जबकि जुगल रामगढ़ के कुजू का रहने वाला था।
दूसरी घटना मुरपा गांव में हुई, जहां 80 वर्षीय रामदेव साव महुआ चुनने के लिए घर से बाहर निकले थे। हाथियों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी जान ले ली। बताया जा रहा है कि 12 हाथियों का यह झुंड बोकारो के जंगलों से होकर रामगढ़ के रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश कर गया था। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बांदा पंचायत के मुखिया कुलदीप तिवारी ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हाथियों के आने की सूचना पहले ही दी गई थी, लेकिन उन्हें रिहायशी क्षेत्रों से हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। तत्काल सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
झारखंड में हाथियों और मानवों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले हफ्ते कोडरमा के मरकच्चो में हाथियों के हमले में तीन लोग मारे गए थे। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 50 दिनों में राज्य में हाथियों के हमलों में 28 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
