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राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया में भाग लिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य भारत के विकास को गति देना और सरकारी योजनाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अभियान में भाग लिया। जानें इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी।
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राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया में भाग लिया

राष्ट्रपति मुर्मू ने भरी जनगणना की जानकारी

बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में जनगणना 2027 के लिए अपनी स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने आधिकारिक पोर्टल पर अपने निवास की सभी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर गृह सचिव गोविंद मोहन, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त भारत एम. नारायण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.


उपराष्ट्रपति ने भी किया स्व-गणना का फॉर्म भरना

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी बुधवार को उपराष्ट्रपति निवास पर जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म भरा। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा निर्धारित समय में आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने घर की जानकारी भरें.


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भरा फॉर्म

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बुधवार को दिल्ली में अपने आवास पर 'हाउसिंग एनुमरेशन' के तहत स्व-गणना फॉर्म भरा। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों तक सही तरीके से पहुंचाने में मदद करेगा.


स्व-गणना की समयसीमा

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्र में स्व-गणना के लिए 15 दिन का समय बुधवार से शुरू हो गया है। वहीं, दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी.


हाउस लिस्टिंग का कार्य दो चरणों में

घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। NDMC और दिल्ली छावनी क्षेत्र में यह 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा, जबकि MCD क्षेत्रों में 16 मई से 15 जून तक होगा.


जनगणना 2027 की प्रक्रिया

जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या जनगणना की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया देश के विकास की योजना बनाने और हर व्यक्ति तक विकास योजनाओं को पहुंचाने में अत्यंत सहायक साबित होगी.