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राष्ट्रपति मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का विवाद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर निराशा व्यक्त की और अन्य मुद्दों पर भी चिंता जताई। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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राष्ट्रपति मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का विवाद

प्रोटोकॉल उल्लंघन पर केंद्र का सवाल

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस संदर्भ में, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रविवार शाम पांच बजे तक प्रोटोकॉल, स्थल और मार्ग व्यवस्था से संबंधित ‘कथित उल्लंघनों’ पर स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के अनुसार, यह जानकारी सामने आई है।


केंद्र ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजकर ‘ब्लू बुक’ के नियमों के उल्लंघन, प्रोटोकॉल, स्थल और मार्ग व्यवस्था के बारे में उत्तर देने के लिए कहा है। ‘ब्लू बुक’ एक गोपनीय दस्तावेज है, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवारों की सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी होती है।


राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाईअड्डे के निकट आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर निराशा व्यक्त की और बिधाननगर के बजाय इस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्णय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थे।


उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में राष्ट्रपति के राज्य में आगमन के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया मांगी गई है, जिसे ‘ब्लू बुक’ के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। केंद्र ने यह भी बताया कि केवल सिलीगुड़ी के महापौर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे, जो प्रोटोकॉल के अनुसार उचित नहीं है।


सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए ‘वॉशरूम’ में पानी की कमी की जानकारी मिली है, जिसके लिए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा, यह भी पूछा गया है कि राष्ट्रपति के काफिले के लिए चुने गए मार्ग पर साफ-सफाई की स्थिति इतनी खराब क्यों थी।