Newzfatafatlogo

रासायनिक रूप से पकाए गए आमों से स्वास्थ्य पर खतरा

गर्मियों में आम का सीजन आते ही, रासायनिक रूप से पकाए गए आमों की उपस्थिति ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आमों का सेवन गंभीर आंतों की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। जानें कैसे पहचानें रासायनिक आमों को और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में।
 | 
रासायनिक रूप से पकाए गए आमों से स्वास्थ्य पर खतरा

आम का सीजन और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं

आम का सीजन आ गया है: गर्मियों में आम का दीवानापन हर किसी में देखने को मिलता है। आम से बनी शिकंजी और चटनी इस मौसम की खासियत हैं, जबकि पके आम का रस थाली की शोभा बढ़ाता है। हालाँकि, हाल की रिपोर्टों में रासायनिक रूप से पकाए गए आमों की उपस्थिति ने खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं। हैदराबाद जैसे शहरों में अधिकारियों ने कृत्रिम रूप से पकाए गए आमों की बड़ी मात्रा को जब्त किया है, जिससे उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की आवश्यकता का संकेत मिलता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक और कृत्रिम पदार्थों से पकाए गए आमों का सेवन करने से गंभीर आंतों की समस्याएं हो सकती हैं, खासकर आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे अवशेषों के कारण।

रासायनिक रूप से पकाए गए आमों की पहचान:
रासायनिक रूप से पकाए गए आमों में अक्सर प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। इनकी पहचान चमकदार पीले छिलके, मुलायम गूदे और हल्की रासायनिक गंध से होती है। ये विधियाँ स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं और सिरदर्द, चक्कर आना और पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। यह पदार्थ एसीटिलीन गैस छोड़ता है, जो प्राकृतिक पकने की प्रक्रिया की नकल करता है, लेकिन यह असुरक्षित हो सकता है।

कृत्रिम रूप से पकाए गए आम अक्सर पानीदार, फीके या खट्टे होते हैं, जबकि प्राकृतिक रूप से पकाए गए आम मीठे और रसदार होते हैं।