राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, एफआईआर दर्ज करने का आदेश
राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं
प्रयागराज। कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से संबंधित मामले में नई चुनौतियाँ सामने आई हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को सुनाया, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार को या तो स्वयं जांच करनी चाहिए या केंद्रीय एजेंसी को मामले की जांच के लिए संदर्भित करना चाहिए। यह मामला रायबरेली ट्रायल कोर्ट से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में पहुंचा था, जहां निचली अदालत के निर्णय को पलट दिया गया है।
याचिका में क्या है?
याचिका में 28 जनवरी 2026 को लखनऊ स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज किया गया था। निचली अदालत ने कहा था कि नागरिकता का मुद्दा उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की है।
सरकारी वकील की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर सरकारी वकील विनय कुमार शाही ने कहा कि हाईकोर्ट ने सभी दस्तावेजों और दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आज रात या कल सुबह तक एफआईआर दर्ज हो जाएगी, और यह रायबरेली कोतवाली में की जाएगी। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई जा सकती है।
मानहानि केस की सुनवाई टली
सुल्तानपुर जिले के एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस की सुनवाई भी शुक्रवार को टल गई। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। इस मामले में वादी पक्ष ने स्थगन की मांग की थी, जो 8 साल पुराने बयान से संबंधित है। यह विवाद गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था।
