राहुल गांधी ने CBI निदेशक चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
राहुल गांधी की असहमति
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) निदेशक की चयन प्रक्रिया पर असहमति जताई है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया भेदभावपूर्ण है, और इसलिए वह इसमें भाग नहीं ले सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का नेता केवल एक रबर स्टैंप नहीं है।
चिट्ठी के माध्यम से असहमति
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर CBI निदेशक की चयन प्रक्रिया के प्रति अपनी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वह किसी भेदभावपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने संवैधानिक कर्तव्यों से पीछे नहीं हट सकते।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा:-
मैंने CBI निदेशक की चयन प्रक्रिया के खिलाफ प्रधानमंत्री को लिखा है। मैं किसी भेदभावपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होकर अपने संवैधानिक कर्तव्यों से पीछे नहीं हट सकता। विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैंप नहीं है।
असहमतियों का विवरण
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, 'मैं आपको, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन के अगले डायरेक्टर की सिफ़ारिश करने के लिए बनाई गई कमेटी के चेयरपर्सन के तौर पर लिख रहा हूँ, ताकि मैं इसकी कार्यवाही पर अपनी असहमति दर्ज करा सकूं।'
CBI के गलत इस्तेमाल का आरोप
राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा:-
आपकी सरकार ने CBI का बार-बार गलत इस्तेमाल किया है। यह भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी होनी चाहिए थी, लेकिन इसे राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन आपने मुझे कोई सार्थक भूमिका नहीं दी है।
अप्रेजल रिपोर्ट की कमी
राहुल गांधी ने लिखा, 'बार-बार लिखित अनुरोध के बावजूद मुझे योग्य उम्मीदवारों की सेल्फ अप्रेजल रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट नहीं दी गई। इसके बजाय, मुझसे यह उम्मीद की गई कि मैं पहली बार उन 69 उम्मीदवारों के अप्रेजल रिकॉर्ड की जांच करूं। 360-डिग्री रिपोर्ट देने से मना कर दिया गया।'
चयन प्रक्रिया पर सवाल
उन्होंने कहा, 'हर उम्मीदवार के इतिहास और प्रदर्शन का आकलन करने के लिए इन रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा बहुत जरूरी है। जानकारी देने से जानबूझकर इनकार करना चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ा रहा है। यह स्पष्ट है कि केवल आपका पहले से तय किया गया उम्मीदवार ही चुना जाएगा।'
पिछली मीटिंग का जिक्र
राहुल गांधी ने पिछली मीटिंग का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ कि मैंने 5 मई 2025 को हुई बैठक में भी अपनी असहमति जताई थी। मैंने 21 अक्टूबर 2025 को भी लिखा था। मैंने एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए उपाय सुझाए थे, जिसका मुझे अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।'
CBI निदेशक चयन में भूमिका
लोकसभा में नेता विपक्ष CBI निदेशक के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का अनिवार्य हिस्सा होते हैं। यह समिति निदेशक का नाम तय करती है, जिसमें प्रधानमंत्री, देश के मुख्य न्यायाधीश और नेता विपक्ष शामिल होते हैं। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए नेता विपक्ष को समिति में शामिल किया जाता है।
