राहुल गांधी ने किसानों के अधिकारों की रक्षा की अपील की
किसानों के महाचौपाल में राहुल गांधी का संबोधन
नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पंजाब के बरनाला में आयोजित किसान महाचौपाल में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पंजाब को यह भली-भांति ज्ञात है कि देश की नींव किसान और श्रमिक हैं। उनके बिना देश की मजबूती संभव नहीं है। किसानों और श्रमिकों की मेहनत ने भारत की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित किया है, और 'हरित क्रांति' भी पंजाब के किसानों की मेहनत का परिणाम है।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि देश में एक बड़ा संकट आने वाला है, क्योंकि अमेरिका के अखरोट, बादाम, सेब, दाल, कपास और सोयाबिन भारत में आने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का सारा डेटा अमेरिका को सौंप दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि भारत हर साल 9 लाख करोड़ रुपये के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा। उन्होंने संसद में पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब का उल्लेख करते हुए कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने आगे कहा कि नरवणे जी ने कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंततः राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी से बात की, जिसके बाद नरवणे जी को कहा गया कि 'जो उचित समझो, वो करो'। नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि उस दिन उन्हें अकेलापन महसूस हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने से डरती है।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है, जिससे भारतीय किसान प्रभावित होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी ने जो काम चार महीने तक नहीं किया, उसे 15 मिनट में क्यों कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को चीन के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत के डेटा की आवश्यकता है। बिना भारत के डेटा के अमेरिका चीन से नहीं लड़ सकता। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी डेटा की है, और मोदी ने भारत का डेटा अमेरिका को सौंप दिया है।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने अमेरिका से कहा है कि वह जिस देश से तेल खरीदने को कहेंगे, भारत भी उसी से तेल खरीदेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रधानमंत्री नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने कहा है कि वह भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोक सकते हैं।
उन्होंने पंजाब के किसानों को याद दिलाया कि मोदी ने पहले काले कृषि कानूनों के माध्यम से उन्हें बेचने की कोशिश की थी। अब मजदूरों के अधिकारों को भी छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
