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रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर

सोमवार को भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले एक नया ऐतिहासिक निचला स्तर छू लिया, जब इसकी कीमत 92.40 रुपये प्रति डॉलर हो गई। इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतें हैं। इसके साथ ही, सोने और चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर

सोमवार को रुपये की गिरावट


सोमवार को भारतीय रुपये में एक ऐतिहासिक गिरावट देखी गई, जब यह 92.40 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के कारण रुपये की कमजोरी बढ़ती जा रही है। इस दिन, रुपये ने डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट के साथ अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।


कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा फंड की निकासी ने रुपये पर दबाव डाला है। यह स्थिति मुद्रा बाजार में अस्थिरता और वैश्विक व्यापारिक चिंताओं को दर्शाती है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के कारोबारी सत्र में रुपये ने ऐतिहासिक गिरावट का सामना किया।


सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

सोमवार को बाजार बंद होने पर सोने और चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 9,000 रुपये गिरकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। वहीं, सोने की कीमत 2,950 रुपये की गिरावट के साथ 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में 3.4 प्रतिशत की कमी आई, जो शुक्रवार के बंद भाव 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।


99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई, जिसमें 1.81 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। व्यापारियों ने सर्राफा कीमतों में गिरावट का कारण मुनाफावसूली बताया। इसके अलावा, सुरक्षित निवेश की मांग का अमेरिकी डॉलर और बॉंड की ओर बढ़ना भी एक कारण रहा। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई।