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रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर

भारतीय रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है, जो शुक्रवार को 93.53 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की निकासी इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक अस्थिरता भी रुपये की कमजोरी में योगदान कर रही है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी घटकर 709.759 अरब डॉलर हो गया है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर

रुपये की स्थिति पर नजर


शुक्रवार को 64 पैसे की गिरावट के साथ 93.53 का स्तर छूआ


वैश्विक परिस्थितियों और तेल व गैस की कमी के चलते भारतीय रुपये में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हाल के दिनों में, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति खोता जा रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर रुपये में बड़ी गिरावट आई। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और निवेशकों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति भारतीय मुद्रा पर दबाव डाल रही है।


रुपये की गिरावट का विश्लेषण

शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 64 पैसे की गिरावट आई, जिससे यह 93.53 के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने रुपये पर दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शुरुआत 92.92 पर हुई, और यह जल्द ही 93 के स्तर को पार कर गया। पूरे दिन गिरावट जारी रही और अंततः यह पिछले बंद भाव से 64 पैसे गिरकर 93.53 पर बंद हुआ।


भू-राजनीतिक अस्थिरता का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में गिरावट आई है। भू-राजनीतिक अस्थिरता भी अल्पकालिक धारणा को प्रभावित कर रही है। इस बीच, अमेरिकी डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.37 फीसदी बढ़कर 99.60 पर पहुंच गया। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.03 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 108.62 डॉलर प्रति बैरल पर रही।


विदेशी मुद्रा भंडार में कमी

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.052 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 709.759 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आई है। पिछले सप्ताह में यह 11.683 अरब डॉलर घटकर 716.81 अरब डॉलर हो गया था। हालांकि, 27 फरवरी को यह 4.885 अरब डॉलर बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।