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रेवाड़ी में तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

रेवाड़ी में इस सीजन का पहला घना पाला पड़ने से ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे खेतों में सफेद पाले की मोटी परत जम गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, जबकि अन्य सब्जियों के लिए हानिकारक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है। जानें इस मौसम के प्रभाव के बारे में अधिक जानकारी।
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रेवाड़ी में तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

पहला घना पाला और ठंड का असर


  • सोमवार को आया पहला घना पाला


रेवाड़ी समाचार: इस सीजन का पहला घना पाला रेवाड़ी जिले में पड़ने से ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। सोमवार को भी ठंड का असर जारी रहा, और तापमान माइनस 1.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह के समय घास, फसलों, पाइपों और खुले स्थानों पर सफेद पाले की मोटी परत जम गई, जिससे चारों ओर सफेदी छा गई।


कृषि पर प्रभाव

सोमवार की सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में पाले की स्थिति सबसे अधिक देखी गई। ठंड के कारण लोग अलाव जलाते नजर आए और सुबह-सुबह सड़कों पर आवाजाही कम रही। ठंडी हवाओं के साथ पाले ने सर्दी को और बढ़ा दिया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाला गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे फसल की बढ़वार संतुलित होती है और उत्पादन में सुधार की उम्मीद रहती है। वर्तमान में जिले में गेहूं की फसल में दूसरा और तीसरा पानी चल रहा है, जो फसल के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।


अन्य फसलों पर प्रभाव

हालांकि, सरसों, आलू, मटर, मूली और अन्य सब्जियों के लिए यह पाला हानिकारक हो सकता है। इन फसलों में पाले से पत्तियों के झुलसने और वृद्धि रुकने का खतरा रहता है। ठंड बढ़ने के साथ प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाने के लिए सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रात के तापमान में कोई खास वृद्धि नहीं होने की संभावना है, जिससे पाले की स्थिति बनी रह सकती है।