Newzfatafatlogo

रेवाड़ी में भूकंप पर मॉक ड्रिल से सुरक्षा उपायों का परीक्षण

रेवाड़ी में भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने भाग लिया और आपातकालीन स्थिति में राहत कार्य का अभ्यास किया। ड्रिल के दौरान कई काल्पनिक घटनाएं घटित की गईं, जिसमें घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाना और केमिकल रिसाव की स्थिति से निपटना शामिल था। जानें इस ड्रिल के दौरान क्या-क्या हुआ और प्रशासन ने किस प्रकार की तैयारियों का प्रदर्शन किया।
 | 
रेवाड़ी में भूकंप पर मॉक ड्रिल से सुरक्षा उपायों का परीक्षण

भूकंप की स्थिति में सुरक्षा चक्र का मॉक ड्रिल


  • भूकंप की आहट से क्षतिग्रस्त हुई पांच साइट पर सुरक्षा चक्र मॉक ड्रिल का किया गया संचालन
  • एडीसी राहुल मोदी की कमान में एनडीआरफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, पुलिस, वालंटियर टीमों ने किया कार्य
    प्रशासन ने आपदा से निपटने का किया मूल्यांकन


(Rewari News) रेवाड़ी। केंद्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुसार, आज रेवाड़ी में भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए उच्च स्तर पर सुरक्षा चक्र का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में, एडीसी राहुल मोदी की अगुवाई में एसडीएम मनोज कुमार, एसडीएम विजय कुमार यादव और जिला नगर आयुक्त ब्रह्मप्रकाश की टीम ने राहत और बचाव कार्य किया। इस दौरान काल्पनिक रूप से तीन व्यक्तियों की मृत्यु और 39 लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को सिविल हॉस्पिटल और पीएचसी बावल में भर्ती कराया गया। भूकंप के दौरान 1200 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें 163 स्कूली बच्चे भी शामिल थे।


बावल की कन्साई नेरोलेक कंपनी में केमिकल रिसाव

रेवाड़ी में प्राकृतिक आपदा के संदर्भ में पहली बार बड़े स्तर पर पूर्वाभ्यास किया गया। लघु सचिवालय के पीछे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मैदान में स्टेजिंग एरिया बनाया गया था। सुबह साढ़े आठ बजे सभी अधिकारी, सरकारी वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और रोडवेज बसें पहुंच गईं। सुबह 9.05 बजे एडीसी राहुल मोदी को सूचना मिली कि भूकंप के कारण अमनगिनी सोसायटी में अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा आरपीएस स्कूल, डीईटीसी ऑफिस और पुष्पाजंलि हॉस्पिटल की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है। बावल की कन्साई नेरोलेक कंपनी में भूकंप के कारण केमिकल रिसाव हो गया है। एडीसी ने तुरंत बचाव दल को प्रभावित साइट के लिए रवाना किया।


रसायन रिसाव की स्थिति से निपटने के उपाय

इंसीडेंट कमांडर एसडीएम मनोज कुमार और डीएसपी जोगेंद्र शर्मा अपनी टीम के साथ बावल पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। यहां केमिकल की वजह से आग लग गई थी। फायर बिग्रेड की टीम ने पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया। इस घटना में चार श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए और दस को मामूली चोटें आईं। मेडिकल टीम ने चार श्रमिकों को एंबुलेंस से पीएचसी में पहुंचाया। एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि इस फैक्ट्री में रसायन रिसाव की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय कंपनी द्वारा किए गए हैं।


अमनगिनी सोसायटी और आरपीएस स्कूल में बचाव कार्य

अमनगिनी सोसायटी और आरपीएस स्कूल के इंसीडेंट कमांडर डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि अमनगिनी के टॉवर नंबर 6 में कुछ व्यक्ति फंसे हुए थे। एनडीआरएफ के सेकेंड कमांडर मनोज कुमार और इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने अपनी टीम के साथ आपात द्वार को काटकर अंदर जाने का रास्ता बनाया और चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें से दो व्यक्तियों को एंबुलेंस से सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया गया और दो का मौके पर ही मौजूद मेडिकल टीम ने उपचार किया।


मॉक ड्रिल की समीक्षा

आरपीएस स्कूल में की गई मॉक ड्रिल के दौरान तीन बच्चों और एक अध्यापिका को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इंसीडेंट कमांडर और कोसली के एसडीएम विजय कुमार यादव ने बताया कि पुष्पाजंलि हॉस्पिटल में भूकंप के कारण दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हुए। सात अन्य को मामूली चोटें आईं, जिन्हें वहीं पर फर्स्ट एड दी गई। यहां 175 में से 163 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया।


सुरक्षा चक्र की समीक्षा बैठक

लघु सचिवालय सभागार में एडीसी राहुल मोदी ने सभी टीम कमांडरों के साथ मॉक ड्रिल सुरक्षा चक्र की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि डीईटीसी ऑफिस में कुल 88 व्यक्ति थे, जिनमें से 80 को बचा लिया गया। यहां एक व्यक्ति मृत पाया गया और सात घायल हो गए। इसके अलावा केंद्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी रिपोर्ट ली। प्रशासन की ओर से पूर्व सेना अधिकारियों को पांचों साइट पर ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। उन्होंने भी टीम की कार्यप्रणाली के बारे में अपनी रिपोर्ट और सुझाव दिए। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ के साथ सीआईएसएफ, आईटीबीपी, हरियाणा पुलिस, रेडक्रॉस और आपदा मित्र वालंटियर ने सक्रिय भूमिका निभाई।


उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर नगराधीश जितेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, डीएसपी डा. रविंद्र सिंह, डीएसपी ट्रैफिक पवन कुमार, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, डीएसपी विद्यानंद, डीएसपी सतेंद्र श्योराण, रोडवेज जीएम प्रदीप कुमार, फायर ऑफिसर नीतिश भारद्वाज, डीपीओ मीनाक्षी आदि मौजूद रहे।