रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम भूमि घोटाले में मिली जमानत
गुरुग्राम भूमि घोटाले में जमानत
प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से हरियाणा के गुरुग्राम में शिकोहपुर भूमि सौदे से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल गई है। अदालत ने उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। रॉबर्ट ने बुधवार को कोर्ट में पेश होकर जमानत के लिए आवेदन किया था। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी आरोपी के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद कोर्ट में पेश होकर जमानत लेना एक सामान्य प्रक्रिया है।
आरोप-पत्र दाखिल होने की जानकारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। इस मामले में ईडी ने पिछले साल 17 जुलाई को रॉबर्ट वाड्रा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। हाल की सुनवाई में दिल्ली उच्च न्यायालय ने रॉबर्ट को किसी प्रकार की अंतरिम राहत नहीं दी और उन्हें निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
प्री-समन जारी
रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता है। उन्होंने कोर्ट से यह भी कहा कि ईडी द्वारा दाखिल आरोप-पत्र पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने 2 अगस्त 2025 को रॉबर्ट वाड्रा और अन्य 9 आरोपियों के लिए प्री-समन जारी किए।
वित्तीय अनियमितताएं
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, और इसी से संबंधित लेन-देन की मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच की जा रही है। राउज एवेन्यू कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
