लकी बिष्ट का बड़ा खुलासा: लश्कर-ए-तैयबा का नया रणनीतिक खेल
लकी बिष्ट का दावा
नई दिल्ली: भारत के पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट ने पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा के बीच के संबंधों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक पोस्ट और वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि लाहौर में लश्कर के कमांडर अब पश्चिमी मीडिया में नैरेटिव को बदलने के लिए महिलाओं का उपयोग 'राजनीतिक ढाल' के रूप में कर रहे हैं। बिष्ट ने इसे महज एक संयोग नहीं, बल्कि आतंकवादी रणनीति में एक 'रणनीतिक बदलाव' बताया। इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस को जन्म दिया है।
आसिम मुनीर का संदर्भ
लकी बिष्ट ने पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों के बारे में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान में आतंकवादी सरगना लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं और बलूचिस्तान पर पाकिस्तान का नियंत्रण लगभग समाप्त हो चुका है।
उन्होंने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान सेना मुख्यालय (GHQ) और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना संस्थागत समर्थन के ऐसी रणनीति को लागू करना असंभव है। बिष्ट के अनुसार, यह पूरा मॉडल एक 'स्टेट-प्रॉक्सी नेटवर्क' के माध्यम से संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को बचाना और आतंकवादी संगठनों के लिए सहानुभूति प्राप्त करना है।
वीडियो में छिपा संदेश
पूर्व RAW एजेंट ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें महिलाओं के माध्यम से नैरेटिव तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को प्रभावित करने के प्रयासों के संकेत दिए गए हैं। हालांकि, वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लकी बिष्ट के दावों ने सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे पाकिस्तान की नई रणनीति मान रहे हैं, जबकि कई लोग इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं।
लाहौर लश्कर के कमांडर अब पश्चिमी मीडिया का नैरेटिव बदलने के लिए महिलाओं को 'पॉलिटिकल शील्ड' (राजनीतिक ढाल) के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी 'टैक्टिकल शिफ्ट' है।
— Lucky Bisht (@iamluckybisht) May 9, 2026
स्पष्ट है कि बिना रावलपिंडी (GHQ) और जनरल आसिम मुनीर के प्रत्यक्ष संस्थागत… pic.twitter.com/S85YMZ36wW
