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लखनऊ में 100 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल ठगी का शिकार बनाया गया

लखनऊ में एक 100 वर्षीय बुजुर्ग हरदेव को ठगों ने डिजिटल ठगी का शिकार बना लिया, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और उनके बेटे से पैसे ट्रांसफर करवा लिए। यह घटना डिजिटल ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और ठगी के तरीके।
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लखनऊ में 100 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल ठगी का शिकार बनाया गया

लखनऊ डिजिटल ठगी का मामला: 100 साल के बुजुर्ग से 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

लखनऊ | लखनऊ के सरोजनी नगर में एक चौंकाने वाली घटना में, 100 वर्षीय बुजुर्ग हरदेव को ठगों ने डिजिटल ठगी का शिकार बना लिया।


ठगों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी के रूप में पहचान बनाते हुए बुजुर्ग को एक डिजिटल अरेस्ट वारंट दिखाया और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में डराकर 1 करोड़ 29 लाख रुपये ठग लिए। यह घटना सभी को चौंका रही है।


ठगी का तरीका क्या था?


एक ठग, जिसका नाम आलोक बताया जा रहा है, ने वीडियो कॉल के माध्यम से 100 वर्षीय हरदेव को संपर्क किया। उसने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए हरदेव को धमकाया कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल है और उनके खिलाफ डिजिटल अरेस्ट वारंट जारी किया गया है। डर के मारे हरदेव ने यह बात अपने बेटे सुरेंद्र पाल सिंह को बताई, जो मर्चेंट नेवी से रिटायर हैं।


लाखों रुपये का ट्रांसफर


सुरेंद्र पाल सिंह ने डर के कारण 21 से 26 तारीख के बीच कई RTGS ट्रांसफर किए। अलग-अलग तारीखों में कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपये ठगों के खाते में भेजे गए। चार बार में 32 लाख, 45 लाख, 45 लाख और 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। यह राशि बुजुर्ग और उनके परिवार की मेहनत की कमाई थी, जिसे ठगों ने चंद मिनटों में हड़प लिया।


डिजिटल ठगी का बढ़ता खतरा


यह पहला मामला नहीं है। लगातार डिजिटल ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। लोग जागरूकता अभियानों के बावजूद ऐसे झांसे में फंस जाते हैं। पुलिस और साइबर क्राइम सेल इस तरह की ठगी को रोकने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।