लखनऊ में नशे में धुत दारोगा ने बैरिकेडिंग पर चढ़ाई कार, गिरफ्तार
लखनऊ में पुलिसकर्मी की अनुशासनहीनता
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में नए साल के जश्न के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई है। हजरतगंज चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ एक दारोगा ने विवाद किया। बताया जा रहा है कि वह नशे में था और उसने ट्रैफिक डायवर्जन के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग पर अपनी कार चढ़ा दी। जब उसे रोका गया, तो उसने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बदसलूकी की। इस घटना के बाद डीसीपी के निर्देश पर दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह घटना बुधवार रात की है। नए साल के जश्न के चलते लखनऊ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। जब ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर ने दारोगा को रूट डायवर्ट होने के कारण गाड़ी मोड़ने के लिए कहा, तो वह भड़क गया। उसने नियमों का पालन करने के बजाय बैरिकेडिंग पर अपनी कार चढ़ाने की कोशिश की। जब सब-इंस्पेक्टर ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो वह उनसे उलझ गया।
हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने हस्तक्षेप किया। लेकिन आरोपी दारोगा का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने डीसीपी से भी बहस की। अनुशासनहीनता को देखते हुए डीसीपी ने उसे कड़ी फटकार लगाई और तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर पुलिस जीप में बैठाया और हजरतगंज थाने ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।
जांच के दौरान आरोपी दारोगा की कार से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कार के अंदर शराब की बोतलें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं और दारोगा पुलिसकर्मियों से बहस करता नजर आ रहा है। पुलिस ने आरोपी दारोगा का मेडिकल परीक्षण कराया है और उसके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश के कारण विभाग की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
