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लाल किला विस्फोट मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: पांच आरोपी हिरासत में

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला विस्फोट मामले में पांच आरोपियों को एनआईए की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इस मामले में पहले से कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और एनआईए लगातार जांच कर रही है। यासिर अहमद डार, जो इस मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी है, को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है और एनआईए की कार्रवाई के पीछे की कहानी।
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लाल किला विस्फोट मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: पांच आरोपी हिरासत में

दिल्ली कोर्ट ने एनआईए को दी हिरासत


नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला विस्फोट मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तीन दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। यह निर्णय बुधवार को अदालत ने जांच एजेंसी की मांग पर सुनाया।


इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और एनआईए लगातार इस नेटवर्क की जांच कर रही है। अदालत के इस आदेश के बाद लाल किला विस्फोट की साजिश से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


एनआईए हिरासत में भेजे गए आरोपी

पटियाला हाउस कोर्ट ने जिन पांच आरोपियों को एनआईए की हिरासत में भेजा है, उनके नाम हैं: डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जसीर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद और मुजम्मिल।


इन सभी को अदालत में पेश करने के बाद एनआईए ने आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की अनुमति मांगी थी।


यासिर अहमद डार की न्यायिक हिरासत

इससे पहले, यासिर अहमद डार को अदालत ने 11 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने डार को पेशी के बाद 16 जनवरी तक जेल भेजने का आदेश दिया था।


26 दिसंबर को अदालत ने उसकी एनआईए हिरासत को 10 दिनों के लिए बढ़ाया था। एनआईए ने डार को 18 दिसंबर को नौवें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था।


एनआईए का आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, यासिर अहमद डार, जो जम्मू-कश्मीर का निवासी है, उमर-उन-नबी का करीबी सहयोगी था। उमर-उन-नबी ने 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटक से भरी कार में धमाका किया था।


एनआईए का कहना है कि डार ने इस हमले की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 15 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए थे।


अन्य आरोपियों के साथ संपर्क

एजेंसी के अनुसार, डार इस मामले में उमर-उन-नबी और मुफ्ती इरफान सहित अन्य आरोपियों के साथ लगातार संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया है कि साजिश के दौरान उसने आत्मबलिदान की शपथ भी ली थी।


न्यायिक हिरासत का विस्तार

दिसंबर में, दिल्ली की एक अदालत ने इस केस में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी। इनमें डॉ. अदील राथर, डॉ. मुज़म्मिल गनाई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जसिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयब शामिल थे।


इससे पहले, तीन डॉक्टरों और वागे को 12 दिसंबर को 12 दिन की हिरासत में भेजा गया था, जबकि अली और वानी को 10 दिसंबर को 14 दिन और सोयब को 19 दिसंबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत मिली थी।


कड़ी सुरक्षा में पेशी

एनआईए ने सात आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान मीडिया को कार्यवाही कवर करने की अनुमति नहीं दी गई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष पेशी के बाद सभी को 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।