लालू परिवार में कलह: तेजस्वी और रोहिणी के बीच सोशल मीडिया पर तकरार
लालू प्रसाद के परिवार में बढ़ती कलह
बिहार में लालू प्रसाद यादव के परिवार में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर, लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की कानूनी परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी के मामले में लालू और राबड़ी के साथ उनके दो बेटों और दो बेटियों पर आरोप तय करने का आदेश दिया है। दूसरी ओर, सिंगापुर में रहने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगियों पर तीखा हमला किया है।
आरोप तय करने के दिन राउज एवेन्यू कोर्ट में तेजस्वी और तेज प्रताप यादव का आमना-सामना हुआ, लेकिन दोनों के बीच कोई सद्भावना नहीं दिखी। तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति पर दही चिउड़ा का भोज आयोजित कर रहे हैं और भाजपा तथा जनता दल के नेताओं से भी मिल रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वे परिवार के साथ मेल-मिलाप के पक्ष में नहीं हैं।
रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि उनके पिता की कथित महान विरासत को परिवार के 'नए बने अपने' नष्ट कर रहे हैं, जिसका इशारा तेजस्वी के करीबी संजय यादव और अन्य लोगों की ओर है। दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव का कहना है कि यह सब उनके पिता लालू प्रसाद के कर्मों का परिणाम है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, परिवार में इस मुद्दे पर कई बार झगड़े हो चुके हैं। तेजस्वी ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि वे ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं है। ध्यान रहे, जब लालू प्रसाद 20 साल पहले रेल मंत्री बने थे, तब तेजस्वी नाबालिग थे। लेकिन रेल मंत्री रहते लालू द्वारा किए गए कार्यों का मुकदमा आज तेजस्वी पर चल रहा है। तेजस्वी के करीबी लोग यह भी कहते हैं कि लालू प्रसाद की राजनीति के कारण यादव समुदाय अछूत बन गए हैं, और यही कारण है कि तेजस्वी को इतनी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, यह भी सच है कि तेजस्वी यादव आज जो कुछ भी हैं, वह अपने पिता की राजनीति के कारण ही हैं। यदि वे दो बार उपमुख्यमंत्री और तीन बार नेता विपक्ष बने हैं, तो यह सब लालू प्रसाद की वजह से ही संभव हुआ है। इसलिए, यदि वे अपने पिता के कारण लाभ उठा रहे हैं, तो नुकसान भी उन्हें ही उठाना होगा।
