लालू प्रसाद यादव के खिलाफ 'लैंड फॉर जॉब' मामले में आरोप तय
लैंड फॉर जॉब केस में कोर्ट का फैसला
लैंड फॉर जॉब मामला: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आरजेडी के नेता और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। इस मामले में कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, जबकि 52 लोगों को बरी कर दिया गया, जिनमें रेलवे के अधिकारी भी शामिल हैं।
विशेष जज विशाल गोगने ने कहा कि यादव ने रेलवे मंत्रालय का उपयोग अपनी निजी संपत्ति की तरह किया, जिससे एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दिया गया। इसमें रेलवे अधिकारियों और उनके करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से यादव परिवार ने सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया। लालू परिवार के वकील एजाज अहमद ने बताया, “आज राउज़ एवेन्यू कोर्ट में 'जमीन के बदले नौकरी' मामले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।”
इससे पहले, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और मीसा भारती इस मामले की सुनवाई के लिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव भी इस मामले में सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। कोर्ट के आदेश पर जेडी(यू) के एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, “लालू एक ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने राजनीति को कलंकित किया है... उनकी ज़मीन जब्त कर लेनी चाहिए और उस पर स्कूल और वृद्धाश्रम का निर्माण होना चाहिए।”
