लालू प्रसाद यादव के लिए आईआरसीटीसी घोटाले में नई चुनौतियाँ
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी घोटाले में आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव की स्थिति और भी कठिन होती जा रही है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह आईआरसीटीसी घोटाले में लालू के खिलाफ आरोप तय करने की याचिका पर जवाब दे। अदालत ने इस मामले में ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, और अगली सुनवाई 14 जनवरी को निर्धारित की गई है।
वास्तव में, ट्रायल कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं। इसके खिलाफ लालू ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने इस समय ट्रायल पर रोक लगाने से मना कर दिया। सुनवाई के दौरान, अदालत ने सीबीआई को नोटिस भी जारी किया है। अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू यादव रेल मंत्री थे, उन्होंने आईआरसीटीसी के होटलों के टेंडर पटना और ओडिशा के पुरी में अपने पसंदीदा पक्षों को देने के लिए आपराधिक साजिश रची। इस घोटाले में आरोपियों ने रिश्वत के रूप में जमीन प्राप्त की थी। 2017 में, सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों, आईआरसीटीसी के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आगे की जांच के बाद, सीबीआई ने लालू सहित 11 अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
