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लाहौर में आतंकवादी आमिर हमजा पर हमला, पाकिस्तान में दहशत का माहौल

पाकिस्तान में लाहौर के एक न्यूज चैनल के बाहर अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य आमिर हमजा पर हमला किया। इस घटना ने आतंकवादियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। आमिर हमजा, जो हाफिज सईद के करीबी सहयोगी हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी आतंकवादी गतिविधियों के कारण अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाए हैं। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और पाकिस्तान में आतंकवाद की स्थिति के बारे में।
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लाहौर में आतंकवादी आमिर हमजा पर हमला, पाकिस्तान में दहशत का माहौल

लाहौर में आतंकवादियों पर हमला

लाहौर: पाकिस्तान में भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकवादियों पर अज्ञात हमलावरों का हमला जारी है। हालिया घटना में, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी आमिर हमजा को लाहौर में गोली मार दी गई। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और अस्पताल में उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और आतंकवादी संगठनों में खौफ पैदा कर दिया है।


न्यूज चैनल के बाहर हुआ हमला

सूत्रों के अनुसार, आमिर हमजा एक स्थानीय न्यूज चैनल के कार्यालय के बाहर मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। इस फायरिंग से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर आसानी से भागने में सफल रहे। घायल हमजा को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई है।


लश्कर-ए-तैयबा का महत्वपूर्ण सदस्य

आमिर हमजा लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख सदस्य हैं, जिन्होंने हाफिज सईद के साथ मिलकर इस संगठन की स्थापना की थी। उन्हें लश्कर के प्रचार-प्रसार और आतंक के लिए धन जुटाने का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह अफगानिस्तान में मुजाहिदीन के रूप में भी लड़ चुके हैं और भारत विरोधी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं।


नया आतंकवादी गुट बनाने की साजिश

आतंकवादी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण अमेरिका ने लश्कर को आतंकवादी संगठन घोषित किया है और हमजा पर प्रतिबंध लगाए हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 2018 में पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान, हमजा ने 'जैश-ए-मनकफा' नामक एक नया गुट बनाया था, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाना था। हालांकि, वह लश्कर के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में बने रहे और नए आतंकियों की भर्ती तथा धन जुटाने का कार्य जारी रखा।