लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद: नाजिया खान का विरोध
मुंबई में लेंसकार्ट का विवाद
मुंबई: आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट हाल ही में अपने ड्रेस कोड नियमों के कारण विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर एक कथित गाइडलाइन के लीक होने के बाद लोगों में असंतोष बढ़ गया है। इस गाइडलाइन में कर्मचारियों के लिए माथे पर तिलक, जनेऊ पहनने और बिंदी लगाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।
नाजिया खान का विरोध प्रदर्शन
विवाद तब और बढ़ गया जब सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान ने एक लेंसकार्ट शोरूम का दौरा किया और वहां कर्मचारियों को तिलक लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें वह स्टोर मैनेजर से तीखे सवाल पूछती नजर आ रही हैं।
In Mumbai, BJP leader Nazia Ilahi Khan visited a Lenskart showroom. She applied tilak on Hindu workers and tied kalava on their wrists. She also had a heated exchange with the Muslim manager Mohsin Khan. https://t.co/ACsofbpG43 pic.twitter.com/y3ks3WSOtv
— Bhadohi Wallah (@Mithileshdhar) April 20, 2026
नाजिया खान के सवाल
वीडियो में नाजिया खान ने कंपनी की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह के नियम किसी विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गाइडलाइन में कुछ धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई गई है, जबकि अन्य प्रतीकों को अनुमति दी गई है।
कथित नीति के अनुसार, जहां तिलक, बिंदी और जनेऊ पर रोक की बात सामने आई है, वहीं हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई है। हालांकि, पगड़ी के रंग को लेकर भी कुछ शर्तें बताई गई हैं। इसी असमानता को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
लोगों का विरोध
इस मुद्दे पर कई लोगों ने कंपनी के खिलाफ विरोध जताया है और सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की मांग भी उठी है। यूजर्स का कहना है कि किसी भी कंपनी को ड्रेस कोड बनाते समय सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखना चाहिए।
वहीं, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कंपनियों को अपने कार्यस्थल पर एक समान और पेशेवर ड्रेस कोड लागू करने का अधिकार है। उनका कहना है कि यह नियम कार्यस्थल की एकरूपता बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं, न कि किसी धर्म विशेष को निशाना बनाने के लिए।
