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लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद: नाजिया खान का विरोध

लेंसकार्ट के ड्रेस कोड नियमों ने विवाद खड़ा कर दिया है, जब एक गाइडलाइन में तिलक और बिंदी पर रोक लगाने की बात सामने आई। सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान ने इस पर विरोध जताया, जिससे सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। जानें इस मुद्दे पर लोगों की राय और कंपनी की नीति के खिलाफ उठे सवाल।
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लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद: नाजिया खान का विरोध

मुंबई में लेंसकार्ट का विवाद


मुंबई: आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट हाल ही में अपने ड्रेस कोड नियमों के कारण विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर एक कथित गाइडलाइन के लीक होने के बाद लोगों में असंतोष बढ़ गया है। इस गाइडलाइन में कर्मचारियों के लिए माथे पर तिलक, जनेऊ पहनने और बिंदी लगाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।


नाजिया खान का विरोध प्रदर्शन

विवाद तब और बढ़ गया जब सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान ने एक लेंसकार्ट शोरूम का दौरा किया और वहां कर्मचारियों को तिलक लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें वह स्टोर मैनेजर से तीखे सवाल पूछती नजर आ रही हैं।




नाजिया खान के सवाल

वीडियो में नाजिया खान ने कंपनी की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह के नियम किसी विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गाइडलाइन में कुछ धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई गई है, जबकि अन्य प्रतीकों को अनुमति दी गई है।


कथित नीति के अनुसार, जहां तिलक, बिंदी और जनेऊ पर रोक की बात सामने आई है, वहीं हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई है। हालांकि, पगड़ी के रंग को लेकर भी कुछ शर्तें बताई गई हैं। इसी असमानता को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।


लोगों का विरोध

इस मुद्दे पर कई लोगों ने कंपनी के खिलाफ विरोध जताया है और सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की मांग भी उठी है। यूजर्स का कहना है कि किसी भी कंपनी को ड्रेस कोड बनाते समय सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखना चाहिए।


वहीं, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कंपनियों को अपने कार्यस्थल पर एक समान और पेशेवर ड्रेस कोड लागू करने का अधिकार है। उनका कहना है कि यह नियम कार्यस्थल की एकरूपता बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं, न कि किसी धर्म विशेष को निशाना बनाने के लिए।