विदेशी निवेशकों की बिकवाली से शेयर बाजार में गिरावट का कारण

शेयर बाजार में गिरावट का विश्लेषण
अगर आप शेयर बाजार पर ध्यान दे रहे हैं, तो आपने देखा होगा कि वर्तमान में बाजार में गिरावट का माहौल है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही नकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि ये विदेशी निवेशक कौन हैं और वे अचानक भारतीय बाजार से अपना पैसा क्यों निकाल रहे हैं।विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) वे बड़े विदेशी फंड और कंपनियाँ हैं जो भारत जैसे देशों के शेयर बाजार में भारी मात्रा में निवेश करते हैं। जब ये निवेश करते हैं, तो बाजार में तेजी आती है, लेकिन जब ये अपना पैसा निकालते हैं, तो बाजार में गिरावट आती है। इन्हें 'बाजार का हाथी' कहा जाता है, क्योंकि इनके निवेश से बाजार की दिशा प्रभावित होती है।
तो, ये निवेशक अपना पैसा क्यों निकाल रहे हैं? इसके पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं: अमेरिका का केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा रहा है। जब निवेशकों को अमेरिका में अधिक ब्याज मिलता है, तो वे भारत जैसे जोखिम भरे बाजारों से पैसा निकालकर वहां निवेश करना पसंद करते हैं।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक मंदी का खतरा भी निवेशकों को सताने लगा है। ऐसे में, वे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों जैसे सोना या डॉलर में निवेश करना चाहते हैं।
अंत में, भारतीय बाजार ने हाल ही में अच्छा रिटर्न दिया है, जिससे कई विदेशी निवेशक मुनाफा निकालने का निर्णय ले रहे हैं, इससे पहले कि बाजार और गिर जाए।
जब 'हाथी' बाजार से बाहर निकलते हैं, तो अच्छे शेयर भी प्रभावित होते हैं, जिससे छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो में नुकसान होता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और यह गिरावट अस्थायी हो सकती है।