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विप्रो में धार्मिक भेदभाव का मामला: महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने लगाए गंभीर आरोप

पुणे के विप्रो कार्यालय में एक महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपने सहकर्मी पर धार्मिक भेदभाव और इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि मानसिक तनाव के कारण उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। विप्रो ने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा किया है। यह मामला टीसीएस में हाल ही में सामने आए धार्मिक भेदभाव के मुद्दे से जुड़ा हुआ है, जिससे वर्कप्लेस पर धार्मिक स्वतंत्रता पर चर्चा शुरू हो गई है।
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विप्रो में धार्मिक भेदभाव का मामला: महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने लगाए गंभीर आरोप

विप्रो में धार्मिक भेदभाव का आरोप


हाल ही में, टीसीएस में धार्मिक भेदभाव के मुद्दे के बाद, अब विप्रो से भी इसी तरह की एक शिकायत सामने आई है। पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित विप्रो कार्यालय में कार्यरत एक महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने आरोप लगाया है कि उसके सहकर्मी ने उसे धार्मिक आधार पर लगातार परेशान किया और इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला।


महिला का कहना है कि इस मानसिक तनाव के कारण उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी। महिला की शिकायत के बाद, पुणे पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।


महिला की शिकायत का विवरण

महिला ने बताया कि 2019 से 2025 तक विप्रो में काम करते हुए उसे उसकी धार्मिक मान्यताओं के कारण निशाना बनाया गया। इस दौरान, वरिष्ठ प्रबंधकों और टीम लीडरों ने उसे इस्लाम अपनाने के लिए मानसिक दबाव डाला। जब उसने इसका विरोध किया, तो प्रबंधक ने उसे खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी। महिला ने पहले कंपनी में इसकी शिकायत की, लेकिन उचित सहायता न मिलने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और राज्य मानवाधिकार आयोग से भी संपर्क किया।


पुलिस की कार्रवाई

पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपित महिला सहकर्मी बेंगलुरु में रहती है और वहीं से काम कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कंपनी ने इस शिकायत पर अब तक क्या कदम उठाए हैं। पुलिस महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और कंपनी के आंतरिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।


विप्रो का बयान

विप्रो के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी के लिए किसी भी कर्मचारी की सुरक्षा और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह मामला एक बार फिर से टीसीएस के मामले को चर्चा में लाने वाला है, जिसमें नासिक यूनिट में जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश की शिकायत आई थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब यह मुद्दा वर्कप्लेस पर धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।