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वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा: सांस्कृतिक उपहारों का आदान-प्रदान

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने भारत की तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत बिहार के गया शहर से की। इस यात्रा के दौरान उन्हें विशेष उपहार दिए गए, जो बिहार और उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति को दर्शाते हैं। उपहारों में नमो 108 कमल का फूल, बुद्ध की मूर्ति, बनारसी सिल्क और बिहार के प्रसिद्ध मिठाई शामिल हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जानें इस यात्रा के खास पहलुओं के बारे में।
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वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा: सांस्कृतिक उपहारों का आदान-प्रदान

वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने 5 मई 2026 को भारत की तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। उनका पहला पड़ाव बिहार का गया शहर था, जहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति टो लाम को बिहार और उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति को दर्शाते हुए विशेष उपहार दिए गए।


भारत में राष्ट्रपति की उपस्थिति

राष्ट्रपति टो लाम 7 मई तक भारत में रहेंगे। भारत ने उनके स्वागत के लिए उन्हें कुछ यादगार उपहार प्रदान किए हैं, जो उत्तर प्रदेश की कला और बिहार के स्वाद से जुड़े हुए हैं। इनमें नमो 108 कमल का फूल, बुद्ध भगवान की मूर्ति, बनारसी सिल्क और बिहार की प्रसिद्ध खाद्य वस्तुएं शामिल हैं।


उत्तर प्रदेश की अद्भुत कला

वियतनाम के राष्ट्रपति को दिए गए उपहारों में उत्तर प्रदेश की संस्कृति और वहां के कलाकारों की प्रतिभा की झलक देखने को मिली। इसमें लखनऊ के शोधकर्ताओं का आविष्कार और मुरादाबाद के कारीगरों की कारीगरी शामिल थी।


नमो 108 कमल का फूल

लखनऊ की एनबीआरआई संस्था ने कमल के फूल की एक नई और अनोखी किस्म विकसित की है, जिसे 'नमो 108' नाम दिया गया है। यह फूल विशेष है क्योंकि इसे नई तकनीक से लैब में तैयार किया गया है, लेकिन इसका संबंध हमारी पुरानी परंपराओं से है। यह कमल का फूल भारत की प्राचीन संस्कृति और आधुनिक विज्ञान का संगम है।


पीतल की सुंदर मूर्ति

मुरादाबाद अपने पीतल के काम के लिए प्रसिद्ध है। वहां के कलाकारों ने भगवान बुद्ध की एक सुंदर मूर्ति बनाई है, जिसमें बुद्ध ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए हैं। मूर्ति के पीछे एक खूबसूरत घेरा है, जो बोधि वृक्ष की पत्तियों जैसा दिखता है। यह मूर्ति मुरादाबाद के कारीगरों की कला और मेहनत का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।


बनारसी रेशमी कपड़ा

बनारस अपने रेशमी कपड़ों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति को जो रेशमी कपड़ा भेंट किया गया है, वह बनारस का बना हुआ है। इस कपड़े पर फूलों और बेल-बूटियों का सुंदर काम किया गया है। गहरे गुलाबी रंग का यह कपड़ा भारत की कला और वियतनाम की पसंद को एक साथ जोड़ता है।


बिहार के प्रसिद्ध मीठे पकवान

कला और संस्कृति के साथ-साथ वियतनाम के मेहमानों को भारत के पारंपरिक स्वाद का अनुभव कराने के लिए बिहार की कुछ विशेष चीजें भी दी गईं।


बिहार के खास व्यंजन

बिहार अपने स्वाद और मेहमाननवाजी के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति टो लाम को बिहार के लोकप्रिय पकवानों में सिलाव का खाजा, गया का अनरसा और मिथिला का मखाना भेंट किया गया। इसके साथ ही उन्हें हाजीपुर का प्रसिद्ध मालभोग केला भी दिया गया। इन व्यंजनों के माध्यम से मेहमानों को बिहार की मिठास और असली स्वाद का अनुभव कराया गया।