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वोडाफोन आइडिया के शेयरों में गिरावट की चेतावनी, ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस

वोडाफोन आइडिया के शेयरों में हालिया वृद्धि के बावजूद, मोतीलाल ओसवाल ने इसके लिए 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस को घटाकर 10 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। कंपनी पर भारी कर्ज और घटते ग्राहक संख्या के कारण गिरावट की संभावना जताई गई है। जानें इसके पीछे के कारण और मार्केट एक्सपर्ट्स की राय।
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वोडाफोन आइडिया के शेयरों में गिरावट की चेतावनी, ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस

वोडाफोन आइडिया के शेयरों पर ब्रोकरेज की भविष्यवाणी


नई दिल्ली। भारत के वित्तीय और पूंजी बाजार में प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों के बारे में एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। हाल ही में इस कंपनी के शेयरों में 42% की वृद्धि के बावजूद, ब्रोकरेज ने इसे 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस को घटाकर 10 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो मौजूदा बाजार मूल्य से लगभग 22% की गिरावट दर्शाता है।


कंपनी का परिचालन लाभ (EBITDA) साल दर साल 4.9% बढ़कर 4,889 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि इसका शुद्ध घाटा पिछले वर्ष के 7,167 करोड़ रुपये से घटकर 5,515 करोड़ रुपये रह गया है। इस सकारात्मक प्रदर्शन के चलते पिछले एक महीने में शेयर की कीमत 13.50 रुपये के पार पहुंच गई। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि यह वृद्धि स्थायी नहीं है।


गिरावट के तीन प्रमुख कारण:


कर्ज और स्पेक्ट्रम का भारी बोझ: मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, वोडाफोन आइडिया पर सरकार का लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम और एजीआर बकाया है। कंपनी को वित्तीय वर्ष 2027 से 2032 के बीच भारी किस्तों का भुगतान करना होगा, जो इसके नकद प्रवाह पर दबाव डालेगा।


कठिन लक्ष्य और घटता यूजर बेस: प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2026-29 के बीच राजस्व में डबल-डिजिट वृद्धि और कैश EBITDA को तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन जियो और एयरटेल के मुकाबले वोडाफोन आइडिया के घटते ग्राहक संख्या को देखते हुए, यह लक्ष्य हासिल करना कठिन प्रतीत होता है।


बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा: यदि वोडाफोन आइडिया फंड जुटाकर अपने नेटवर्क का विस्तार भी करती है, तो एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी मजबूत कंपनियां इसकी वृद्धि को रोक सकती हैं।


मार्केट एक्सपर्ट्स की राय: मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के दीर्घकालिक पुनरुद्धार के लिए सभी पहलुओं का सही होना आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में इसकी संभावना बहुत कम है। स्टॉक अपनी वास्तविक मूल्य से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।