व्हाइट हाउस रात्रिभोज में गोलीबारी: कांग्रेस विधायक का विवादास्पद बयान
घटना का विवरण
शनिवार रात को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस संवाददाताओं संघ (WHCA) का वार्षिक रात्रिभोज चल रहा था, तभी सुरक्षा चौकी के पास गोलीबारी की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे यह घटना न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई।
कांग्रेस विधायक का विवादास्पद बयान
महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रंप पर गोली चलना निश्चित था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप वैश्विक स्तर पर दबदबा बनाना चाहते थे और अन्य देशों को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे थे। वडेट्टीवार ने कहा, 'जैसी करनी वैसी भरनी' और जोड़ा कि चीजें उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं हुईं, इसलिए यह घटना होना तय था।
भारत में जनता की भावना पर टिप्पणी
विधायक ने आगे कहा कि भारत में लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, जिससे यह भ्रम पैदा हो रहा है कि सब कुछ ठीक है। लेकिन असलियत यह है कि लोग महसूस कर रहे हैं कि देश को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इस घटना की निंदा की और कहा कि उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका बयान विपक्षी दलों में चर्चा का विषय बन गया है।
व्हाइट हाउस रात्रिभोज में गोलीबारी की घटना
यह घटना शनिवार रात लगभग 8:34 बजे वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जब मेहमानों को रात्रिभोज परोसा जा रहा था। ट्रंप वहां एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग और मानसिकता विशेषज्ञ ओज पर्लमैन से बातचीत कर रहे थे। गोलीबारी के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत ट्रंप दंपति और वेंस दंपति को बाहर निकाला, जबकि अन्य मेहमान टेबलों के नीचे छिप गए। ट्रंप ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपी प्रशासन के अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई, जो कैलिफोर्निया का निवासी है। उसे घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह व्यक्ति ट्रेन से वाशिंगटन आया था और होटल में पहले से ठहरा हुआ था। उसके परिवार ने पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चिंता जताई थी। अमेरिका के न्याय विभाग ने बताया कि सोमवार को आरोपी पर आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं। ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की प्रशंसा की।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद की पहली बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। व्हाइट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में हथियारों के साथ घुसने की कोशिश ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया में इसकी तुलना पिछले हमलों से की जा रही है। भारत में वडेट्टीवार के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, जो आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।
