व्हाट्सएप पर नया यूजरनेम फीचर: बिना नंबर शेयर किए करें चैटिंग और कॉलिंग
व्हाट्सएप का नया फीचर
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। यदि आप अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं और अजनबियों को अपना मोबाइल नंबर नहीं देना चाहते, तो आपकी यह समस्या जल्द ही हल होने वाली है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, व्हाट्सएप अपने प्लेटफॉर्म पर 'यूजरनेम' और 'यूनिक आईडी' का एक नया फीचर पेश करने जा रहा है, जो यूजर्स के चैटिंग अनुभव को पूरी तरह से बदल देगा।
बिना नंबर साझा किए बातचीत
इस नए फीचर के आने के बाद, व्हाट्सएप यूजर्स बिना अपना फोन नंबर दिखाए किसी अन्य यूजर को आसानी से मैसेज, वॉइस कॉल या वीडियो कॉल कर सकेंगे। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मेटा के स्वामित्व वाली यह कंपनी जून 2026 तक इस फीचर को वैश्विक स्तर पर लागू कर सकती है। इसके तहत यूजर्स और बिजनेस अकाउंट्स अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तरह अपना एक यूनिक नाम या 'हैंडल' सेट कर सकेंगे। कंपनी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे यूजरनेम फीचर लाने के लिए उत्साहित हैं, जिससे लोग बिना नंबर साझा किए नए दोस्तों और व्यवसायों से सुरक्षित तरीके से जुड़ सकेंगे।
वैकल्पिक फीचर
यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक होगा, जिसका अर्थ है कि यदि कोई यूजर इसका उपयोग नहीं करना चाहता, तो वह अपने मोबाइल नंबर के जरिए व्हाट्सएप का उपयोग जारी रख सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्हाट्सएप ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि उसके यूजर्स प्राइवेसी के नाम पर टेलीग्राम या सिग्नल जैसे प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म्स की ओर न जाएं।
बिजनेस अकाउंट्स के लिए नए नियम
सामान्य यूजर्स के अलावा, व्हाट्सएप बिजनेस खातों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की योजना बना रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी व्यवसायों के लिए एक 'डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल' पर विचार कर रही है। इस नई प्रणाली के तहत, कंपनियां अपने ग्राहकों को मार्केटिंग संदेश भेजने के लिए रियल टाइम में बोली लगा सकेंगी। इस नए सिस्टम का ट्रायल 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की संभावना है, जिसे 2027 तक पूरी तरह से लागू किया जा सकता है।
भारत में व्हाट्सएप का प्रभाव
यह ध्यान देने योग्य है कि भारत में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स के साथ व्हाट्सएप एक प्रमुख बाजार है। फरवरी में मेटा और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत में खरीदारी के 77 प्रतिशत फैसलों पर सोशल मीडिया का प्रभाव पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, 72 प्रतिशत ग्राहकों को नए उत्पादों की जानकारी केवल व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलती है, जो ई-कॉमर्स और रिटेल बाजार में इसके प्रभाव को दर्शाता है।
