शनि का गोचर: वैशाख अमावस्या पर इन 4 राशियों को होगा नुकसान
17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या के दिन शनि देव अपनी चाल बदलने जा रहे हैं, जिसका असर चार राशियों पर नकारात्मक रूप से पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानें इन राशियों के लिए क्या-क्या चुनौतियाँ आ सकती हैं और कैसे उन्हें संभालना चाहिए।
| Apr 10, 2026, 15:46 IST
17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या का महत्व
17 अप्रैल को मनाई जाएगी वैशाख अमावस्या
ज्योतिष और सनातन धर्म में शनि देव को न्याय का प्रतीक माना जाता है। शनि अपने अनुयायियों को उनके कर्मों के अनुसार फल और दंड देते हैं। शनि का राशि और नक्षत्र परिवर्तन एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। 17 अप्रैल को शनि अपनी चाल बदलने वाले हैं।
इस दिन वैशाख अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व है। शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे और 17 मई तक वहीं रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार, यह अवधि चार राशियों के लिए नकारात्मक हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में।
इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
- मेष राशि: मेष राशि, जो मंगल की राशि है, पर शनि का साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस समय मेष राशि वालों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। शनि की चाल में बदलाव उनके करियर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और वित्तीय मामलों में सतर्क रहें।
- कर्क राशि: कर्क राशि, जो चंद्रमा की राशि है, में शनि की चाल में बदलाव के बाद करियर में उतार-चढ़ाव आ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं और मानसिक तनाव भी हो सकता है।
- तुला राशि: तुला राशि, जो शुक्र की राशि है, में शनि की चाल में बदलाव के बाद आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। मेहनत के परिणाम में देरी हो सकती है और सफलता पाने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता हो सकती है।
- मकर राशि: मकर राशि, जो शनि की ही राशि है, के लिए शनि का चाल बदलना कठिनाइयों का कारण बन सकता है। इस दौरान अचानक खर्चों में वृद्धि हो सकती है और स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है।
