शरद पवार को फिर से अस्पताल में भर्ती किया गया, स्वास्थ्य में गिरावट
पुणे में भर्ती हुए शरद पवार
पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार को रविवार को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में फिर से भर्ती किया गया है। उनकी सेहत में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। उनकी बेटी और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है।
We are admitting Baba to Ruby Hall, Pune for follow-up tests and hydration.
Thanking all the doctors and healthcare workers.
— Supriya Sule (@supriya_sule) February 22, 2026
खांसी और गले के संक्रमण से जूझ रहे थे शरद पवार
हालिया जानकारी के अनुसार, शरद पवार पिछले कुछ दिनों से खांसी और गले के संक्रमण से पीड़ित थे। शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे अपने घर पर आराम कर रहे थे, लेकिन रविवार सुबह उन्हें अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी महसूस हुई। डॉक्टरों की सलाह पर परिवार ने उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया। सुप्रिया सुले ने लिखा कि हम बाबा को फॉलो-अप टेस्ट और हाइड्रेशन के लिए पुणे के रूबी हॉल में भर्ती कर रहे हैं। हम सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त करते हैं।
85 वर्षीय शरद पवार को पिछले सप्ताह भी इसी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उस समय उन्हें सांस लेने में कठिनाई और सीने में संक्रमण की समस्या थी। डॉक्टरों ने उन्हें एंटीबायोटिक्स का पांच दिनों का कोर्स दिया था और शनिवार को उन्हें छुट्टी दी गई थी। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें 3-4 दिन पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार न होने के कारण उन्हें दोबारा भर्ती करना पड़ा।
पवार परिवार पर आए दुखों का असर
हाल ही में पवार परिवार पर आए दुखों ने भी वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। जनवरी के अंत में एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके भतीजे अजित पवार के असामयिक निधन के बाद से शरद पवार बारामती में परिवार को संभालने में व्यस्त थे। इस दौरान हुई भागदौड़ और मानसिक तनाव ने उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर डाला है। रूबी हॉल क्लिनिक के डॉक्टरों के अनुसार, शरद पवार की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनके महत्वपूर्ण अंगों की स्थिति सामान्य है, लेकिन उम्र और संक्रमण को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अस्पताल में भीड़ न लगाएं ताकि अन्य मरीजों को असुविधा न हो।
