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शशि थरूर ने ईरान के नेता की हत्या पर भारत के शोक व्यक्त न करने की आलोचना की

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या पर भारत के शोक व्यक्त न करने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति में भारत को समय पर शोक व्यक्त करना चाहिए था, भले ही अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई की निंदा न की गई हो। थरूर ने शोक और निंदा के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत को कम से कम शोक संतप्तों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी। जानें उनके विचार और भारत की प्रतिक्रिया।
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शशि थरूर ने ईरान के नेता की हत्या पर भारत के शोक व्यक्त न करने की आलोचना की

शशि थरूर का बयान


नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भारत को समय पर शोक व्यक्त करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की आलोचना न की गई हो, लेकिन ऐसे गंभीर समय में सरकार को संयम से काम लेना चाहिए। थरूर ने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार होती, तो वह भी यही सलाह देते।


थरूर ने आगे कहा कि जब खामेनेई की हत्या हुई, तब हमें तुरंत शोक व्यक्त करना चाहिए था। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद भारत ने तुरंत शोक व्यक्त किया था। थरूर ने कहा कि जब दिल्ली में ईरानी दूतावास ने शोक पुस्तिका खोली, तो हमारे विदेश सचिव को शोक व्यक्त करने के लिए भेजा गया। उन्होंने शोक और निंदा के बीच के अंतर को स्पष्ट किया और कहा कि भारत को कम से कम शोक संतप्तों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी।


थरूर ने कहा कि शोक और निंदा में भिन्नता होती है। यदि कोई राजनीतिक कारणों से अमेरिका-इजरायल के हमले की निंदा नहीं करना चाहता, तो यह ठीक है, लेकिन शोक व्यक्त करना शोक संतप्तों और ईरान की सरकार के प्रति सहानुभूति दर्शाने का एक तरीका है। यह एक ऐसा कदम था जो भारत उठा सकता था।