शहीदों को श्रद्धांजलि: भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत दिवस पर कार्यक्रम
भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन
सोमवार को शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, क्रांतिकारी सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर नगर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के अस्पताल तिराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अमर शहीदों को नमन किया गया। उपस्थित लोगों ने 23 मार्च 1931 को देश की स्वतंत्रता के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।
भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और युवाओं का एक मोटरसाइकिल जुलूस नगर से होते हुए प्रतिमा स्थल पर पहुंचा, जहां सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।
जुलूस स्थल पर संबोधित करते हुए जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि सरदार भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष 176 दिन की आयु में फांसी का फंदा हंसते-हंसते स्वीकार कर युवाओं को यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए, क्योंकि यही इन क्रांतिकारियों की प्रेरणा थी।
उन्होंने आगे कहा कि शहीदों का मानना था कि केवल सत्ता परिवर्तन से देश नहीं बदलेगा, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन आवश्यक है। उनका अमर नारा “इंकलाब जिंदाबाद” आज भी युवाओं में नई ऊर्जा और जोश भरता है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि लगभग 95 वर्ष पूर्व इन महान क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी थी। उनके संघर्ष और विचारों ने पूरे देश में राष्ट्रभावना और कर्तव्यनिष्ठा की लहर पैदा की थी।
कार्यक्रम में ओमप्रकाश वर्मा, सुनील गुप्ता, विंध्याचल मद्धेशिया, सुनील यादव, सत्यम सोनी, शत्रुघ्न जायसवाल, रामकिशुन गौड़, बादशाह खां, देवेश सहानी, संजीव शर्मा, नीरज पासवान, अमर प्रजापति, गणेश प्रजापति, सोहवत, कृष्णा रावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
