शादी के नाम पर ठगी: पुलिस ने जारी की चेतावनी
साइबर ठगी के प्रति जागरूकता
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS ने शादी के नाम पर हो रही साइबर ठगी के खिलाफ एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर और गैंग युवाओं और उनके परिवारों को शादी का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ठग खुद को मैट्रिमोनियल एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते हैं। वे आकर्षक प्रोफाइल, फोटो और झूठी जानकारी दिखाकर पहले भरोसा जीतते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल वेरिफिकेशन, मीटिंग अरेंजमेंट या शादी पक्की कराने के नाम पर पैसे मांगते हैं। कई मामलों में पीड़ितों से बार-बार पैसे लेकर लाखों रुपये की ठगी की जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वैध मैट्रिमोनियल प्रक्रिया में बिना सत्यापन के बार-बार पैसे मांगना संदेह का संकेत है। केवल ऑनलाइन बातचीत और फोटो के आधार पर किसी भी व्यक्ति या एजेंसी पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
सावधानियों की सूची
रेवाड़ी पुलिस द्वारा जारी मुख्य सावधानियां:
किसी भी अनजान मैट्रिमोनियल कॉल, मैसेज या प्रोफाइल पर तुरंत भरोसा न करें। बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार की फीस या भुगतान न करें। प्रोफाइल की जानकारी को स्वतंत्र रूप से जांचें और परिवार से मिलकर ही निर्णय लें। केवल विश्वसनीय व प्रमाणित मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार के दबाव या जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल या लिंक से दूर रहें।
सतर्क रहने के संकेत
इन संकेतों को पहचान कर तुरंत सतर्क हो जाएं:
बार-बार अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना, बिना मिले ही शादी तय कराने का दबाव बनाना, केवल ऑनलाइन बातचीत पर जोर देना, अनजान नंबर या सोशल मीडिया से संपर्क करना, "अभी पेमेंट करो. तभी प्रोसेस आगे बढ़ेगी" जैसी बातों से सतर्क रहें।
शिकायत करने की प्रक्रिया
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर थाना में भी सूचना दें।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने अपील की है कि आमजन सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के झांसे में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें। जागरूकता ही इस प्रकार की साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
